कैंसर जांच में नई उम्मीद, सिर्फ खून के नमूने से शुरुआती पहचान की तकनीक को मिला पेटेंट

  • Post By Admin on Jul 07 2026
कैंसर जांच में नई उम्मीद, सिर्फ खून के नमूने से शुरुआती पहचान की तकनीक को मिला पेटेंट

नई दिल्ली: कैंसर की शुरुआती पहचान को लेकर एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि सामने आई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज को ऐसी तकनीक के लिए भारतीय पेटेंट प्राप्त हुआ है, जो केवल ब्लड सैंपल के जरिए कैंसर की शुरुआती पहचान करने और उसके संभावित स्रोत का पता लगाने में मदद कर सकती है।

कंपनी के अनुसार यह तकनीक सेल-फ्री डीएनए (Cell-Free DNA) का विश्लेषण करती है। इसमें जीनोम सीक्वेंसिंग, बायोलॉजिकल डेटा एनालिसिस और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे कैंसर से जुड़े डीएनए पैटर्न में होने वाले बदलावों की पहचान संभव हो सके। कंपनी का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कैंसर के शुरुआती संकेतों को पहचानने में मदद कर सकता है। यदि बीमारी का पता प्रारंभिक चरण में चल जाए तो मरीजों के उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। वर्तमान में बड़ी संख्या में मरीजों में कैंसर की पहचान तब होती है, जब बीमारी गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी होती है। स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रमेश हरिहरन ने कहा कि यह भारतीय पेटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित लिक्विड बायोप्सी तकनीक के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य ऐसे समाधान विकसित करना है, जो कैंसर की स्क्रीनिंग को अधिक सटीक, व्यापक स्तर पर लागू करने योग्य और आम लोगों के लिए सुलभ बना सकें।

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नई जांच तकनीक के व्यापक चिकित्सीय उपयोग से पहले उसके प्रभाव, सटीकता और सुरक्षा का विभिन्न क्लीनिकल अध्ययनों एवं नियामकीय प्रक्रियाओं के माध्यम से मूल्यांकन किया जाता है। यदि यह तकनीक सफलतापूर्वक व्यापक उपयोग में आती है, तो भविष्य में कैंसर की शुरुआती जांच के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है।