सहकारी क्षेत्र के लिए बनेगी नई जीवन बीमा कंपनी, गृहमंत्री ने किया कई नई योजनाओं का ऐलान

  • Post By Admin on Jul 07 2026
सहकारी क्षेत्र के लिए बनेगी नई जीवन बीमा कंपनी, गृहमंत्री ने किया कई नई योजनाओं का ऐलान

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने सहकारी क्षेत्र को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सहकारी संस्थाओं के लिए नई जीवन बीमा कंपनी स्थापित करने की घोषणा की है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस समारोह में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को आधुनिक वित्तीय सेवाओं से जोड़ना और उनके दायरे का विस्तार करना है।

अमित शाह ने कहा कि सहकारी क्षेत्र को केवल खेती और डेयरी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि नए क्षेत्रों में भी इसकी भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार कई नई योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की भारत टैक्सी योजना को देशभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और अगले दो वर्षों में इसका विस्तार 500 शहरों तक किया जाएगा। इसके अलावा 50 हजार प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) का डिजिटलीकरण कर उन्हें ई-पैक्स में परिवर्तित किया जाएगा। इससे सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी।

समारोह के दौरान सहकारी क्षेत्र से जुड़ी कई नई परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया गया। इनमें आधुनिक अनाज गोदाम, भंडारण केंद्र, बीज उत्पादन से संबंधित आधारभूत संरचनाएं और अन्य सहकारी परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और कृषि क्षेत्र को नई गति मिलेगी।बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता भी किया गया। इस पहल से गुणवत्तापूर्ण बीजों के उत्पादन और उपलब्धता में सुधार आने की उम्मीद जताई गई है।

अमित शाह ने कहा कि देश में वर्तमान में करीब 8.5 लाख सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनसे 30 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। सरकार इस नेटवर्क को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने, नई सुविधाएं विकसित करने और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सहकारी क्षेत्र की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।