सरकार का डिजिटल स्ट्राइक : 39 लाख सिम कार्ड बंद, 28 लाख व्हाट्सऐप अकाउंट निष्क्रिय
- Post By Admin on Feb 06 2026
नई दिल्ली : देश में बढ़ते साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 39.43 लाख मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट कर दिए हैं। इसके साथ ही 2.27 लाख मोबाइल हैंडसेट और 1.31 लाख एसएमएस टेम्पलेट्स को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है।
यह जानकारी संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने गुरुवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी। उन्होंने बताया कि दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग द्वारा डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) की स्थापना की गई है, जिसके जरिए साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर निगरानी रखी जा रही है।
मंत्री ने बताया कि आम नागरिकों के लिए ‘संचार साथी’ पहल के तहत वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप उपलब्ध कराया गया है, जिसमें ‘चक्षु’ सुविधा के माध्यम से लोग संदिग्ध कॉल, मैसेज और अन्य फ्रॉड से जुड़े संचार की रिपोर्ट कर सकते हैं। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों की पहचान करना है, जहां धोखाधड़ी की कोशिश तो की गई हो लेकिन अभी तक वास्तविक नुकसान नहीं हुआ हो।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में वास्तविक वित्तीय नुकसान होता है, उनकी निगरानी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) द्वारा की जाती है, जो गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। आमतौर पर किसी मोबाइल कनेक्शन पर कार्रवाई से पहले उपभोक्ता को पुनः सत्यापन का अवसर दिया जाता है और पूरी कार्रवाई का विवरण संचार साथी पोर्टल के डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहता है।
मंत्री के अनुसार, नागरिकों से प्राप्त 7.7 लाख इनपुट्स के आधार पर अब तक 39.43 लाख मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए हैं, 2.27 लाख हैंडसेट ब्लैकलिस्ट किए गए हैं और 1.31 लाख एसएमएस टेम्पलेट्स को निष्क्रिय किया गया है।
उन्होंने बताया कि डीआईपी के जरिए साझा की गई सूचनाओं के आधार पर संबंधित स्टेकहोल्डर्स अपने-अपने स्तर पर जुड़े खातों और प्रोफाइल्स पर कार्रवाई कर रहे हैं। वहीं, फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (एफआरआई) के माध्यम से समय पर अलर्ट जारी कर अब तक 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी को रोका जा चुका है।
इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप ने भी साझा किए गए मोबाइल नंबरों के आधार पर 28 लाख प्रोफाइल और अकाउंट्स को निष्क्रिय कर दिया है, जिससे साइबर फ्रॉड के नेटवर्क पर बड़ी चोट मानी जा रही है।