नीट पुनर्परीक्षा में फर्जीवाड़े का खुलासा : 30 संदिग्ध गिरफ्तार, मेडिकल छात्र और बायोमेट्रिक कर्मी भी शामिल

  • Post By Admin on Jun 22 2026
नीट पुनर्परीक्षा में फर्जीवाड़े का खुलासा : 30 संदिग्ध गिरफ्तार, मेडिकल छात्र और बायोमेट्रिक कर्मी भी शामिल

लखीसराय : जिले में 21 जून को आयोजित नीट पुनर्परीक्षा के दौरान फर्जी परीक्षार्थियों के जरिए परीक्षा दिलाने वाले एक संगठित गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। लखीसराय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन परीक्षा केंद्रों से कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें फर्जी परीक्षार्थी, मूल अभ्यर्थी, सहयोगी तथा बायोमेट्रिक कर्मी शामिल हैं। मामले में किउल एवं कवैया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार जिले के चार परीक्षा केंद्रों पर नीट पुनर्परीक्षा शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों तथा पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ केंद्रों पर वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर डमी अथवा स्कॉलर परीक्षार्थियों को बैठाने का प्रयास किया जा रहा है।

सूचना के सत्यापन के बाद अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, लखीसराय के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर केआरके कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय तथा उच्च विद्यालय हसनपुर परीक्षा केंद्रों पर गहन जांच-पड़ताल की गई। जांच के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ और कई लोगों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर डमी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाने के लिए कुछ बायोमेट्रिक कर्मियों की कथित संलिप्तता रही। इसके लिए फर्जी आधार कार्ड और अन्य कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग पहचान पत्र के रूप में किया गया।

गिरफ्तार फर्जी परीक्षार्थी

गिरफ्तार किए गए फर्जी परीक्षार्थियों में विभिन्न मेडिकल एवं अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इनमें मधेपुरा निवासी मंतोष कुमार (एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष, न्यू जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज), मुजफ्फरपुर निवासी विवेक कुमार (एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष, एएन मगध मेडिकल कॉलेज), सुपौल निवासी हिमांशु कुमार (प्रथम वर्ष, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज सतना), मधुबनी निवासी सौरभ जीझा (एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष, एम्स रायबरेली), गिरिडीह निवासी पूनम कुमारी (बीएससी नर्सिंग, बीएचयू), नई दिल्ली निवासी अमन अग्रवाल (एमबीबीएस इंटर्न, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस, दिल्ली), मधुबनी निवासी रौशन कुमार (बी.फार्मा चतुर्थ वर्ष, एनएमसीएच पटना), पलामू निवासी चंचल कुमारी (बीएएमएस छात्रा, सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज, ओडिशा) तथा राजस्थान के सवाई माधोपुर निवासी जितेंद्र कुमार शामिल हैं।

मूल अभ्यर्थी और सहयोगी भी गिरफ्तार

पुलिस ने मूल परीक्षार्थी के रूप में नालंदा निवासी संजीत कुमार को गिरफ्तार किया है। वहीं सहयोगी के रूप में मुजफ्फरपुर निवासी अर्पित सिंह (एएनएमसीएच गया के एमबीबीएस चौथे वर्ष के छात्र) तथा नालंदा निवासी रंजीत कुमार (बीएमआईएमएस पावापुरी के एमबीबीएस चौथे वर्ष के छात्र) को भी गिरफ्तार किया गया है।

18 बायोमेट्रिक कर्मियों पर कार्रवाई

मामले में 18 बायोमेट्रिक कर्मियों और सुपरवाइजरों की भी गिरफ्तारी हुई है। इनमें बादल कुमार, कृष्णा कुमार, अंकित कुमार, मुकुंद कुमार, उदय कुमार, अखिलेश कुमार, मयंक कश्यप (पीएमसीएच पटना के एमबीबीएस चौथे वर्ष के छात्र), विशाल कुमार, राकेश कुमार, अंकित कुमार, मोहित कुमार, सुदर्शन कुमार, अमलेश कुमार, अदिति कुमारी, घनश्याम कुमार, शंकर कुमार वर्मा, आर्यन कुमार तथा चंदन कुमार शामिल हैं।

तीन प्राथमिकी दर्ज

लखीसराय पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में किउल थाना कांड संख्या 64/26 तथा कवैया थाना कांड संख्या 244/26 और 245/26 दर्ज कर ली गई है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए जांच जारी है।