बेगूसराय में महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, मेडिकल जांच ने उड़ाए प्रशासन के होश
- Post By Admin on Jun 19 2026
बेगूसराय : बिहार के बेगूसराय जिले में एक महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और अमानवीय अत्याचार का मामला सामने आया है। पीड़िता के आरोपों के अनुसार, 11 जून की रात करीब 11:30 बजे वह घर से शौच के लिए बाहर निकली थी, तभी पांच युवकों ने उसे जबरन पकड़ लिया। महिला का आरोप है कि आरोपियों ने पहले उसके पति के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया ताकि वह किसी प्रकार की मदद न कर सके। इसके बाद महिला का मुंह साड़ी से बांध दिया गया और हाथों को ब्लाउज का कपड़ा फाड़कर बांध दिया गया।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी उसे घर से दूर एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। महिला ने विरोध करने का प्रयास किया तो उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि हमलावरों ने ब्लेड से उसकी छाती और जांघ पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़िता ने बताया कि घटना के दौरान उसके साथ अत्यंत क्रूर व्यवहार किया गया और उसे गंभीर शारीरिक यातनाएं दी गईं।महिला का आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसे गंभीर अवस्था में उसके घर के पास छोड़कर फरार हो गए। घटना के दौरान महिला की चीख-पुकार सुनकर उसका पति बाहर निकलने की कोशिश करता रहा, लेकिन कमरे का दरवाजा बाहर से बंद होने के कारण वह असहाय बना रहा। बाद में परिजनों की मदद से दरवाजा खोला गया और महिला को इलाज के लिए तत्काल बरौनी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और मामले में कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं पीड़िता के पति ने बताया कि 12 जून को ही चकिया थाना पुलिस को घटना की जानकारी दे दी गई थी। पीड़िता का आरोप है कि शुरुआती स्तर पर मामले को केवल मारपीट की घटना के रूप में दर्ज किया गया था।अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी महिला को लगातार असहनीय दर्द की शिकायत बनी रही। परिजनों के अनुसार, दर्द लगातार बढ़ता गया, जिसके बाद 17 जून को उसे दोबारा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद चिकित्सकों द्वारा की गई विस्तृत जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए। जांच के दौरान डॉक्टरों ने महिला के प्राइवेट पार्ट से कारतूस, पत्थर तथा लकड़ी का टुकड़ा बाहर निकाला गया जिसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। इस घटनाक्रम के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि प्रारंभिक मेडिकल जांच के दौरान इन तथ्यों का पता क्यों नहीं चल सका। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन दोनों स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है।
सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि पीड़िता का न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज करा लिया गया है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। डीएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इधर, बेगूसराय के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई है और पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद मामले से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जाएगा। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों अपने-अपने स्तर पर जांच में जुटे हुए हैं।