10 प्रतिशत नए आयात कर से वैश्विक व्यापार में हलचल, भारत ने कसी कमर
- Post By Admin on Feb 22 2026
**शीर्षक: US सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले पर भारत की प्रतिक्रिया, 10% ग्लोबल टैक्स पर केंद्र सतर्क**
नई दिल्ली : अमेरिका में टैरिफ को लेकर जारी कानूनी और राजनीतिक घमासान के बीच भारत सरकार का पहला आधिकारिक बयान सामने आया है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिकी घटनाक्रमों और उनके भारतीय व्यापार पर संभावित प्रभाव का गंभीरता से आकलन कर रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पुरानी टैरिफ नीतियों को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवैध करार दिए जाने के बाद स्थिति ने नया मोड़ ले लिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उसके बाद की घोषणाओं का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है, ताकि देश के निर्यात हितों की रक्षा की जा सके।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स ने अपने हालिया फैसले में कहा कि शांति काल में पांच दशक पुराने ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट’ (IEEPA) के तहत इस प्रकार टैरिफ लगाना वैध नहीं है। इस निर्णय के बाद भारत पर लगाए गए 18 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ का कानूनी आधार कमजोर पड़ गया था। विशेषज्ञों का मानना था कि इस फैसले से भारत को राहत मिल सकती है और टैरिफ दर ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ प्रावधानों के तहत घट सकती है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने नया कदम उठाते हुए सभी देशों से होने वाले आयात पर 10 प्रतिशत का ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। उन्होंने ‘ट्रुथ सोशल’ के माध्यम से जानकारी दी कि इस संबंध में कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं और यह नया टैक्स 24 फरवरी से लागू होगा।
जानकारी के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने इस बार ‘सेक्शन 122’ का सहारा लिया है, जिसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को सीमित अवधि के लिए बिना तत्काल संसदीय मंजूरी के टैरिफ लगाने का अधिकार प्राप्त है। इसी प्रावधान के तहत भारत सहित सभी देशों पर 10 प्रतिशत का नया टैरिफ लागू किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह बदलती परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर व्यापारिक हितों की सुरक्षा के लिए उचित कूटनीतिक एवं नीतिगत कदम उठाए जाएंगे।