मुजफ्फरपुर में 12 मार्च को राष्ट्रीय नवगीत उत्सव, देशभर के 35 प्रमुख नवगीतकार होंगे शामिल
- Post By Admin on Mar 07 2026
मुजफ्फरपुर: ललित नारायण तिरहुत कॉलेज में 12 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय नवगीत उत्सव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नवगीत कुटुंब और कॉलेज के हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस भव्य साहित्यिक आयोजन की जानकारी देने के लिए कॉलेज परिसर में प्रेसवार्ता आयोजित की गई।
समारोह के संयोजक डॉ. संजय पंकज ने बताया कि इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में देशभर के लगभग 35 प्रमुख नवगीतकारों की भागीदारी सुनिश्चित हो चुकी है। कार्यक्रम तीन सत्रों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें सम्मान समारोह, पुस्तक लोकार्पण, नवगीत के उद्भव और विकास विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, नवगीत पर चर्चा-विमर्श तथा अंतिम सत्र में नवगीतों की प्रस्तुति शामिल होगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से नवगीत और गीत साहित्य से जुड़े शोधार्थियों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।
डॉ. संजय पंकज ने बताया कि हिंदी काव्य आंदोलनों के इतिहास में नवगीत आंदोलन सबसे लंबे समय तक प्रभावी रहने वाला साहित्यिक आंदोलन रहा है। इसके प्रवर्तक मुजफ्फरपुर के कविवर राजेंद्र प्रसाद सिंह माने जाते हैं, जिन्होंने 5 फरवरी 1958 को ‘गीतांगिनी’ नामक संकलन प्रकाशित कर नवगीत शब्द का प्रयोग किया और इसकी प्रवृत्तियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले नवगीतकारों को आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री, कविवर राजेंद्र प्रसाद सिंह, पद्मश्री श्याम नंदन किशोर, गीतगंधर्व डॉ. शिवदास पांडेय तथा डॉ. शांति सुमन के नाम पर नवगीत साधना सम्मान प्रदान किया जाएगा।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. ममता रानी ने बताया कि यह उत्सव सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम के दौरान ‘नवगीत अर्धशतक भाग–2’ पुस्तक का लोकार्पण भी किया जाएगा, जिसका संपादन शिवानंद सिंह सहयोगी ने किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हिंदी साहित्य के अध्येताओं, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा तथा इससे नवगीत साहित्य के प्रति नई पीढ़ी में रुचि बढ़ेगी। डॉ. रानी ने बताया कि कार्यक्रम में शोधार्थियों के लिए एक विशेष खुला सत्र भी रखा गया है, जिसमें प्रश्नोत्तर के माध्यम से नवगीत से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संवाद किया जाएगा।
डॉ. रंजीत पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार का बड़ा नवगीत आयोजन पहली बार हो रहा है और इसका श्रेय मुजफ्फरपुर को मिलेगा, क्योंकि नवगीत नामकरण की ऐतिहासिक पहचान इसी शहर से जुड़ी हुई है। प्रेसवार्ता में कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. विजेंद्र झा, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. चितरंजन कुमार, डॉ. अविनाश तिरंगा, प्रमोद आजाद सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।