होर्मुज से गुजर रहे जहाज पर अमेरिका का हमला, दो भारतीय नाविकों की मौत
- Post By Admin on Jun 11 2026
नई दिल्ली : ओमान तट के निकट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक पोत 'एमटी सेट्टेबेलो' पर हुए अमेरिकी हमले के बाद दो भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि जहाज के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) अब भी लापता हैं। घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने गहरी चिंता जताते हुए हमले की निंदा की है और लापता भारतीय नागरिक की तलाश के लिए ओमान स्थित भारतीय दूतावास को सक्रिय किया गया है।
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) के महासचिव मनोज यादव ने बताया कि जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। इनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन सदस्य लापता बताए गए थे। बाद में इनमें से दो भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई, जबकि चीफ इंजीनियर का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
मनोज यादव ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना को जहाज पर मौजूद चालक दल की राष्ट्रीयता और संख्या की पूरी जानकारी थी। उन्होंने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि अमेरिका को यह पता नहीं था कि पोत पर कितने भारतीय और अन्य विदेशी नागरिक सवार हैं। उनका कहना था कि यदि जहाज ने किसी निर्देश का पालन नहीं किया था तो सैन्य कार्रवाई के बजाय उसे हिरासत में लेने जैसे अन्य विकल्प भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि घटना के बाद जहाज से संपर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया, जिससे वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाने में कठिनाई हुई। मृत और लापता नाविकों में हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश के देवरिया और आंध्र प्रदेश के निवासी शामिल बताए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान में जुटा हुआ है। मंत्रालय ने बताया कि लापता भारतीय नागरिक की तलाश जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बताया जाता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच यह हमला हुआ। एफएसयूआई ने घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चल रहे वाणिज्यिक जहाजों और उन पर कार्यरत नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस घटना के बाद भारतीय नाविकों के परिजनों में चिंता का माहौल है, वहीं समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभियानों के दौरान नागरिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी नई बहस छिड़ गई है। खोज एवं बचाव अभियान जारी है और चीफ इंजीनियर के बारे में किसी ठोस जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।