भारत का सूर्यास्त्र बना दुश्मनों के लिए चुनौती, चांदीपुर में सफल परीक्षण
- Post By Admin on May 20 2026
बालासोर : भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। पुणे की रक्षा कंपनी नीबे लिमिटेड द्वारा विकसित इस अत्याधुनिक रॉकेट प्रणाली ने परीक्षण के दौरान बेहद कम त्रुटि के साथ सटीक निशाना साधकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 और 19 मई 2026 को लगातार दो दिनों तक किए गए परीक्षणों में सूर्यास्त्र रॉकेट सिस्टम ने मिशन के सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह परीक्षण भारतीय सेना द्वारा वर्ष 2026 में दिए गए खरीद आदेश के तहत किया गया।बताया गया कि इस अनुबंध के बाद सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर के विकास और आपूर्ति कार्य में तेजी आई है। इसके तहत 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर मारक क्षमता वाले विशेष रॉकेट भी तैयार किए जा रहे हैं।
परीक्षण के दौरान कम, मध्यम और लंबी दूरी पर रॉकेट सिस्टम की कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया गया। कंपनी के अनुसार सूर्यास्त्र ने हर स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए अचूक निशाना लगाया। परीक्षण के दौरान जुटाए गए आंकड़ों ने इसकी लंबी दूरी तक सटीक मारक क्षमता को प्रमाणित किया।
रक्षा क्षेत्र में सटीकता मापने के पैमाने ‘सर्कुलर एरर प्रोबेबल’ (सीईपी) में भी सूर्यास्त्र ने बेहतर प्रदर्शन किया। 150 किलोमीटर रेंज वाले रॉकेट का सीईपी मात्र 1.5 मीटर दर्ज किया गया, जबकि 300 किलोमीटर रेंज वाले रॉकेट का सीईपी केवल 2 मीटर रहा। विशेषज्ञों के अनुसार इतनी कम त्रुटि के साथ लंबी दूरी तक निशाना साधने की क्षमता सूर्यास्त्र को दुनिया के सबसे सटीक रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम में शामिल करती है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रणाली पारंपरिक फील्ड आर्टिलरी और भारी बैलिस्टिक मिसाइलों के बीच की दूरी को कम करेगी तथा भारतीय सेना को तेज, लचीला और कम लागत वाला सटीक हथियार उपलब्ध कराएगी। जानकारी के अनुसार सूर्यास्त्र रॉकेट इजरायल की एल्बिट सिस्टम्स द्वारा विकसित प्रिसिजन एंड यूनिवर्सल लॉन्चिंग सिस्टम तकनीक पर आधारित हैं और अब इन्हें भारत में नीबे ग्रुप के सहयोग से निर्मित करने की योजना है।