NEET मुद्दे पर CJP का अल्टीमेटम, '20 जुलाई सिर्फ ट्रेलर था'
- Post By Admin on Jul 22 2026
नई दिल्ली : NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा CJP का आंदोलन मंगलवार को 31वें दिन भी जारी रहा। इस बीच पार्टी ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों की मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो अगली बार दिल्ली में लाखों युवा जुटेंगे और आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि 20 जुलाई को आयोजित प्रदर्शन केवल एक "ट्रेलर" था। उन्होंने दावा किया कि 20 जून से शुरू हुआ यह आंदोलन आजादी के बाद देश का सबसे बड़ा जनआंदोलन बन चुका है। उनके अनुसार, सरकार को अब भी स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए और छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए। रांका ने आरोप लगाया कि आंदोलन शुरू से पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा है और आगे भी गांधी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलते हुए शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई के मार्च के दौरान केवल उन स्थानों पर स्थिति बिगड़ी, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया। उनका आरोप है कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेना और भविष्य में किसी भी नई एफआईआर पर रोक लगाना आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
आशुतोष रांका ने यह भी कहा कि आंदोलनकारी यूएपीए या एनएसए जैसे कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई से भी डरने वाले नहीं हैं और आवश्यकता पड़ने पर जेल जाने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से छात्रों की मांगों के समर्थन में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा आंदोलन है। जो भी दल छात्रों की जायज मांगों के साथ खड़ा होगा, CJP उसका स्वागत करेगी।