भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने में एआरटीआरएसी की बड़ी भूमिका, राष्ट्रपति मुर्मु ने किया दौरा

  • Post By Admin on May 02 2026
भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने में एआरटीआरएसी की बड़ी भूमिका, राष्ट्रपति मुर्मु ने किया दौरा

शिमला: भारत की महामहिम राष्ट्रपति एवं सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कल हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित सेना प्रशिक्षण कमान (एआरटीआरएसी) मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उनका भव्य स्वागत हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता तथा एआरटीआरएसी के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने किया।

दौरे के दौरान राष्ट्रपति को एआरटीआरएसी की भूमिका, उसके विकास क्रम तथा भारतीय सेना के जवानों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देकर उनकी परिचालन दक्षता बढ़ाने में निभाई जा रही अहम जिम्मेदारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जीओसी-इन-सी ने विशेष रूप से एआरटीआरएसी की नवोन्मेषी पहलों पर प्रकाश डालते हुए ड्रोन प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों के समावेशन, ‘रेड टीमिंग’ जैसी रणनीतिक अवधारणाओं और सेना में डिजिटलीकरण व स्वचालन के प्रयासों का उल्लेख किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एआरटीआरएसी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान भारतीय सेना के लिए युद्ध संबंधी अवधारणाओं के निर्माण, संसाधन विकास और मित्र देशों के साथ सैन्य सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने इसे सैन्य गौरव, आत्मनिर्भर भारत और विकसित राष्ट्र की दिशा में एक सशक्त कड़ी बताया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एआरटीआरएसी अपने 32 प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से भारतीय सेना में पेशेवर उत्कृष्टता को मजबूत करता है और सैनिकों को युद्धकला के सिद्धांत और व्यवहार दोनों में दक्ष बनाता है। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने राज्यपाल कविंद्र गुप्ता की उपस्थिति में लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा के साथ भारतीय सेना के प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श भी किया। राष्ट्रपति ने एआरटीआरएसी को भारतीय सेना की परिचालन तैयारी को और सुदृढ़ करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ कार्य जारी रखने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने एआरटीआरएसी के सभी सैन्य कर्मियों और रक्षा नागरिक कर्मचारियों के उत्कृष्ट योगदान की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।