ज़कात सेंटर इंडिया का जन जागरूकता कार्यक्रम, जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

  • Post By Admin on Mar 13 2026
ज़कात सेंटर इंडिया का जन जागरूकता कार्यक्रम, जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

मुजफ्फरपुर : ज़कात सेंटर इंडिया, मुजफ्फरपुर के तत्वावधान में जनजागरूकता अभियान के तहत चंदवारा स्थित एक विवाह भवन में भव्य सार्वजनिक संबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाओं की भी सहभागिता रही।

कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-क़ुरआन से हुई। इस अवसर पर ज़कात सेंटर इंडिया, मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष डॉ. महमूदुल हसन ने उद्घाटन भाषण देते हुए ज़कात की अहमियत और उसके सामूहिक प्रबंधन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यदि ज़कात को संगठित तरीके से जमा और वितरित किया जाए तो समाज से गरीबी, बेरोजगारी और सामाजिक-आर्थिक असंतुलन को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ज़कात सेंटर की स्थापना का उद्देश्य जरूरतमंदों की सम्मानजनक सहायता करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

इस अवसर पर संस्था के सचिव सैयद अहमद ने पिछले तीन वर्षों की कार्य-रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि संस्था ने इस अवधि में 180 लोगों को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने में सफलता प्राप्त की है। इसके अलावा 29 जरूरतमंद छात्रों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई है तथा लगभग 80 विधवाओं, असहाय और परित्यक्त महिलाओं को हर माह 1000 रुपए पेंशन के रूप में दिए जा रहे हैं।

मुख्य अतिथि इस्लामिक विद्वान रिज़वान अहमद रफ़ीक़ी ने सभा को संबोधित करते हुए क़ुरआन की शिक्षाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अल्लाह तआला ने धन को जमा कर रोक कर रखने वालों के लिए कड़ी चेतावनी दी है और यह बताया है कि धन अल्लाह की अमानत है, जिसमें गरीबों और वंचितों का अधिकार तय है। उन्होंने सूरह तौबा की आयत का हवाला देते हुए कहा कि जो लोग सोना-चांदी जमा करके रखते हैं और अल्लाह की राह में खर्च नहीं करते, उनके लिए कठोर दंड की चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि ज़कात अदा करने से धन कम नहीं होता, बल्कि उसमें बरकत और बढ़ोतरी होती है।

मीडिया प्रभारी मोहम्मद इश्तेयाक ने ज़कात की सामूहिक व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यदि इसे संगठित रूप से लागू किया जाए तो समाज से गरीबी दूर करने में उल्लेखनीय सफलता मिल सकती है। उन्होंने समाज के सक्षम और संभ्रांत लोगों से अपील की कि वे नियमित रूप से ज़कात अदा करें और इस्लाम की सामाजिक न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में सरफराज आलम, हमीद हुसैन, एजाज़ अहमद, हैदर अली, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद आरिफ, तारिक जमाल, हस्साम तारिक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।