प्रभात फेरी, जनगीत और विचार-विमर्श के साथ संपन्न हुआ ‘विकल्प’ का शिक्षण शिविर

  • Post By Admin on Jun 21 2026
प्रभात फेरी, जनगीत और विचार-विमर्श के साथ संपन्न हुआ ‘विकल्प’ का शिक्षण शिविर

मुजफ्फरपुर: बिहार राज्य जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा "विकल्प" की मुजफ्फरपुर जिला कमिटी की ओर से चुन्नाभट्ठी रोड, मालीघाट स्थित यादवचंद्र शांति देवी मेमोरियल ट्रस्ट के सभागार में आयोजित दो दिवसीय शिक्षण शिविर का रविवार को विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रभात फेरी और वैचारिक सत्रों के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम में जनवादी संस्कृति, सामाजिक चेतना, संगठन निर्माण और वर्तमान सामाजिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत प्रभात फेरी से हुई, जो मोर्चा कार्यालय से निकलकर दुर्गापुरी लेन, बीएमपी-6 चौक और हरखू चौधरी टोला स्थित नवोदित इकाई कार्यालय तक पहुंची। इस दौरान सांस्कृतिक जत्थे ने विभिन्न बस्तियों और चौक-चौराहों पर जनगीतों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से जुड़े संदेश दिए। सभा में जागृति बैरिया के कलाकारों ने विभाकर विमल के नेतृत्व में जनगीत प्रस्तुत कर सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों को उठाया। कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने गीतों के माध्यम से संघर्ष, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। वहीं नवोदित इकाई के बाल कलाकारों ने बेटी के जन्म पर आधारित सोहर प्रस्तुत कर लैंगिक समानता और महिलाओं के सम्मान का संदेश दिया।

इसके बाद आयोजित शिक्षण सत्र में "जनवादी कला क्यों?" विषय पर मोर्चा के महासचिव बैजू कुमार ने कहा कि जनवादी गीत, नाटक और कला का उद्देश्य शोषित-पीड़ित समाज की आवाज़ बनना और सामाजिक परिवर्तन की चेतना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि कला को जनता के जीवन और उनके सरोकारों से जुड़ा होना चाहिए। जिला कमिटी के अध्यक्ष बाबूलाल सहनी ने संगठन की संरचना और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास, छुआछूत और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनचेतना विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। वरिष्ठ रंगकर्मी एवं नाट्य निर्देशक कामेश्वर प्रसाद "दिनेश" ने संगठन के इतिहास से सीख लेकर नई ऊर्जा और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। अखिल भारतीय जनवादी सांस्कृतिक सामाजिक मोर्चा "विकल्प" के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य धीरेन्द्र धीरू ने संगठन को मजबूत बनाने और सामूहिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया। वहीं नारायण कुमार ने दहेज प्रथा सहित विभिन्न सामाजिक समस्याओं पर चर्चा करते हुए नई तकनीकों, जनगीतों, नुक्कड़ नाटकों और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को जोड़ने और जागरूकता फैलाने की जरूरत बताई।

सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता भूपनारायण सिंह ने कहा कि समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठित होकर निरंतर संवाद, संगोष्ठियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के बीच सक्रिय रहना आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन बैजू कुमार ने किया। अध्यक्ष मंडल में अरुण कुमार वर्मा एवं बाबूलाल सहनी शामिल रहे। शिविर में बड़ी संख्या में कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवा प्रतिभागियों एवं स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में मालीघाट इकाई की सचिव पूजा कुमारी ने सभी प्रतिभागियों, स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी जनसरोकारों से जुड़े ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित करने का संकल्प दोहराया।