आरडीएस कॉलेज में 'विभाजन: सिनेमा और साहित्य' पर पैनल चर्चा, छात्रों ने समझी ऐतिहासिक त्रासदी
- Post By Admin on Oct 28 2026
मुजफ्फरपुर : जिला स्थित रामदयालु सिंह महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में अंग्रेजी विभाग की ओर से 'पार्टीशन: फिल्म एंड लिटरेचर' विषय पर एक ज्ञानवर्धक पैनल परिचर्चा का आयोजन किया गया। वंदे मातरम के गायन से शुरू हुए इस बौद्धिक विमर्श की अध्यक्षता इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संजय सुमन ने की। कार्यक्रम के प्रारंभ में अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमर ज्योति रंजन ने आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी के मुख्य विषय से सभी को अवगत कराया।
परिचर्चा के विशिष्ट वक्ता रामेश्वर सिंह महाविद्यालय के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र गामी ने फिल्म और साहित्य के गहरे अंतर्संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों विधाएं एक-दूसरे की पूरक हैं और विश्व भर में कई कालजयी फिल्में साहित्य की उत्कृष्ट कृतियों पर ही आधारित रही हैं। वहीं हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. रमेश गुप्ता ने विभाजन की त्रासदी के मानवीय पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विस्थापन की इस विभीषिका में महिलाओं और बच्चों ने सर्वाधिक दर्द झेला है। उन्होंने विभाजन को आज भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि सिनेमा अब भी इस मानवीय पीड़ा को पर्दे पर उतार रहा है।
राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. रजनीकांत पांडे ने अमृता प्रीतम की प्रसिद्ध रचना 'पिंजर' का उल्लेख करते हुए शरणार्थी जीवन, विस्थापन, नागरिकता के संकट और स्त्री अस्मिता के संघर्ष पर विस्तार से अपनी बात रखी। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. संजय सुमन ने सभी वक्ताओं व विद्यार्थियों की भागीदारी की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे विमर्श छात्रों में तार्किक व आलोचनात्मक सोच को विकसित करते हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि साहित्य ने जिस ऐतिहासिक दर्द को शब्दों में ढाला, सिनेमा ने उसी संवेदना को दृश्य रूप में साकार किया है।
इस अकादमिक सत्र में स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों सृजल, खुशी, सोनाक्षी, अमीषा, संजना, सायमा, हिमांशु, उज्ज्वल, रजनीश, अनिल तथा उत्सव ने डिजिटल प्रस्तुति (पीपीटी) के जरिए अपनी गहरी समझ का परिचय दिया। इन छात्र-छात्राओं ने रवींद्रनाथ टैगोर की 'घरे बायरे', ई.एम. फोस्टर की 'ए पैसेज टू इंडिया', खुशवंत सिंह की 'ट्रेन टू पाकिस्तान', गुलजार की 'रावी पार' और सआदत हसन मंटो की 'टोबा टेक सिंह' जैसी महान कृतियों और उन पर बनी फिल्मों की विषयवस्तु पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रस्तुति के बाद प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने विभाजन से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल पैनल के समक्ष रखे, जिनका वक्ताओं ने समाधान किया।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी मंच संचालन स्नातक तृतीय सेमेस्टर की छात्रा अपूर्वा प्रियदर्शिनी ने किया, जबकि परिचर्चा के अंत में अंग्रेजी विभाग की सहायक प्राध्यापक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. आरती कुमारी ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस पूरे आयोजन में सहायक प्राध्यापक डॉ. पंकज तिवारी, डॉ. बिंदु, डॉ. अमृता सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।