टूटी सड़क और जलजमाव से हादसों का खतरा, भगवानपुर में सड़क मरम्मत की मांग तेज
- Post By Admin on Oct 28 2026
मुजफ्फरपुर : जिले के भगवानपुर रेवा रोड पुल के नीचे सड़क टूटने और उस पर पानी बहने की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। सड़क की बदहाल स्थिति से परेशान लोगों ने भारतीय संविधान जागृति मोर्चा के बैनर तले सड़क जाम कर विरोध जताया और जल्द मरम्मत कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लंबे समय से इस सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है, जिसके कारण कुछ ही महीनों में सड़क फिर टूट जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर पानी बहने और जगह-जगह टूटे हिस्से होने से आवागमन में परेशानी हो रही है। उनका दावा है कि यहां अक्सर दोपहिया, चारपहिया और बड़े वाहनों के पलटने जैसी घटनाएं होती हैं। सड़क से गुजरने वाले बच्चों और राहगीरों के गिरकर चोटिल होने की आशंका भी बनी रहती है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि इस मार्ग पर कोई बड़ा हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
प्रदर्शनकारियों ने सड़क की बदहाली के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मरम्मत कार्य में लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के कारण समस्या लगातार बनी हुई है। लोगों का कहना था कि पहले भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
आंदोलन में शामिल आलोक कुमार सिंह कुशवाहा, जो मुजफ्फरपुर से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रह चुके हैं, ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क की मरम्मत का काम पूरा नहीं हुआ, तो इसके खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं, भारतीय संविधान जागृति मोर्चा के अध्यक्ष मनोज कुमार यादव ने कहा कि जब तक कथित भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर रोक नहीं लगेगी, तब तक सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहेंगे। विरोध प्रदर्शन में राजा गुप्ता, अमित कुमार, अजय कुमार, आशा कुमारी राय, मोहम्मद सलीम और संजय कुमार समेत स्थानीय दुकानदार व राहगीर मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से सड़क की जल्द मरम्मत कराने तथा समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की। स्थानीय लोगों की मांग है कि सड़क की मरम्मत केवल अस्थायी तरीके से न कराई जाए, बल्कि पानी के बहाव की समस्या को भी दूर किया जाए, ताकि इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।