एलएस कॉलेज और एनसीसी का संयुक्त अभियान, युवाओं ने लिया समाज को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प

  • Post By Admin on Oct 28 2026
एलएस कॉलेज और एनसीसी का संयुक्त अभियान, युवाओं ने लिया समाज को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प

मुजफ्फरपुर : जिला स्थित ऐतिहासिक लंगट सिंह कॉलेज के परिसर में 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत एक दिवसीय व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विशेष अभियान 32 बिहार बटालियन एनसीसी तथा लंगट सिंह कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेटों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं के माध्यम से समाज में तपेदिक (टीबी) जैसी संक्रामक बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना और जन-जन तक समय पर जांच व उपचार का संदेश पहुंचाना रहा।

समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान के इस आधुनिक दौर में टीबी अब कोई लाइलाज या असाध्य बीमारी नहीं रह गई है। सही समय पर लक्षणों की पहचान और दवाइयों का नियमित सेवन इस बीमारी को पूरी तरह खत्म कर सकता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए आगाह किया कि जागरूकता के अभाव में लोग शुरुआती दौर में खांसी या बुखार को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे यह संक्रमण फेफड़ों से होते हुए शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर देता है और जीवन के लिए गंभीर खतरा बन जाता है। प्राचार्या ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने मोहल्लों और ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य दूत बनकर लोगों को समय पर जांच कराने के लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. राजीव कुमार ने तपेदिक के लक्षणों, संक्रमण के प्रसार के माध्यमों और बचाव के एहतियाती कदमों पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि दो सप्ताह से अधिक की लगातार खांसी, बलगम में खून आना, शाम के समय हल्का बुखार, भूख की कमी और वजन का तेजी से घटना टीबी के प्राथमिक लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक टीबी की आधुनिक जांच, बलगम की जांच (सीबीनाट) और दवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही निक्षय पोषण योजना के तहत मरीजों को इलाज के दौरान पौष्टिक आहार के लिए सीधे बैंक खाते में आर्थिक सहायता भी दी जाती है।

इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान एनसीसी कैडेटों ने परिसर में जनसंवाद कर स्वास्थ्य संदेशों का प्रचार-प्रसार किया और बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों के प्रति सामाजिक भेदभाव को खत्म करने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर 32 बिहार बटालियन के हवलदार नीरज सलारिया, सीनियर अंडर ऑफिसर आशुतोष राज, अंडर ऑफिसर सृष्टि, नमृता सुधीर, फखरुद्दीन, ज्योतिलाल सहित बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स, महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे।