मालीघाट में पुरखा पुरनिया संवाद कार्यक्रम, शिक्षिका संगीता चैनपुरी की स्मृति में सम्मान समारोह

  • Post By Admin on Mar 07 2026
मालीघाट में पुरखा पुरनिया संवाद कार्यक्रम, शिक्षिका संगीता चैनपुरी की स्मृति में सम्मान समारोह

मुजफ्फरपुर: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मालीघाट स्थित सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान की ओर से दिवंगत शिक्षिका संगीता चैनपुरी की स्मृति में ‘पुरखा पुरनिया संवाद सह सम्मान कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की संरक्षक कांता देवी ने की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांता देवी ने कहा कि शिक्षिका संगीता चैनपुरी शिक्षा को ही अपना सबसे बड़ा आभूषण मानती थीं। वे अक्सर पुरखा पुरनिया संवाद कार्यक्रमों में अपनी काव्य प्रस्तुति से मंच को गौरवान्वित करती थीं और समाज में शिक्षा व संस्कारों के महत्व को रेखांकित करती थीं। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एमएस केशरी पब्लिकेशन की संस्थापिका एवं युवा समाजसेवी मुस्कान केशरी ने कहा कि मां अपने बच्चों की खुशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए अपने सुखों और इच्छाओं का त्याग कर देती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता के साथ-साथ हमें अपने पुरखों और पूर्वजों से भी जीवन के मूल्य और संस्कार सीखने चाहिए। इस अवसर पर संस्थान के संयोजक एवं कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने ‘ए ही माटी के संगीता चैनपुरी, समाजसेविका के मिलल सेहरा...’ गीत के माध्यम से दिवंगत शिक्षिका को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि मुस्कान केशरी को शिक्षिका संगीता चैनपुरी स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और पुस्तक ‘अनसुलझी उलझन की बातें’ भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में अभिषेक प्रियदर्शी, शक्ति सौरभ, आदर्श रंजन, शिव कुमार, अनिल कुमार ठाकुर, केशव राय, शिवम कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे। अंत में सरला श्रीवास युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का सम्मान करने और लैंगिक समानता की दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर है।