प्रयत्न के राष्ट्रीय वेबिनार में आयुर्वेद की उपयोगिता और स्वास्थ्य पर हुआ विचार-विमर्श
- Post By Admin on Apr 08 2026
पटना : सामाजिक संगठन प्रयत्न के तत्वावधान में बुधवार को राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार का विषय “आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका” रखा गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता मगध महिला कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ. रंजना यादव रहीं, जबकि अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के रामानुजन कॉलेज की सहायक प्राध्यापक डॉ. जरू नीशा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत प्रयत्न के संस्थापक प्रभात कुमार ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष एवं प्रतिभागियों का स्वागत कर की तथा उन्हें आभासी मंच पर स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में डॉ. रंजना यादव ने कहा कि आयुर्वेद प्रकृति से गहराई से जुड़ा हुआ है और प्रकृति स्वयं आयुर्वेद से संबद्ध है, इसलिए इसमें दर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने आयुर्वेद के चार आयामों—हितम आयु, अहितम आयु, सुखम आयु और दुखम आयु—के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. जरू नीशा ने कहा कि मानव शरीर ब्रह्मांड का ही एक हिस्सा है और आयुर्वेद ऐसा विज्ञान है जो शरीर और ब्रह्मांड दोनों को आपस में जोड़ता है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद का मूल अथर्ववेद से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे दर्शन से अलग नहीं किया जा सकता।
कार्यक्रम के अंत में प्रयत्न के सहायक कार्यक्रम प्रबंधक अमित चंद चौधरी ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रयत्न की कार्यक्रम प्रबंधक शालिनी रंजन सहित अनामिका कुमारी, अर्जुन गुप्ता, जय झा, राहुल कौटिल्य, प्रज्ञा कुमारी, कुमारी हेना, सतीश सिंह, स्नेहा कुमारी, गौरव कुमार, अनिवेश आनंद, अल्ताफ राजा, मुकुल कुमार सिंह, एम.डी. फजल, विक्रम जय नारायण निषाद, खुशबू कुमारी, संजय कुमार, वीरेंद्र कुमार, राधे लखन प्रसाद, खुशी कुमारी, अशोक यादव और शिवानी कुमारी की भूमिका सराहनीय रही।