नीट छात्रा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उजागर हुए गंभीर आपराधिक संकेत, आत्महत्या के दावे पर उठे सवाल
- Post By Admin on Jan 19 2026
मुजफ्फरपुर: राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य मानवाधिकार आयोग में अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। यह याचिकाएं मानवाधिकार मामलों के जानकार अधिवक्ता एस.के. झा द्वारा दाखिल की गई हैं, जिनमें पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
मृतका गायत्री कुमारी, बिहार के जहानाबाद जिले की निवासी थी और पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र अंतर्गत मुन्नाचक स्थित शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। छात्रा की मौत के बाद प्रारंभिक स्तर पर पुलिस द्वारा इसे आत्महत्या का मामला बताने का प्रयास किया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई ऐसे तथ्य उजागर हुए, जिन्होंने इस दावे को संदिग्ध बना दिया है।
मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के निशान और अन्य परिस्थितियां इस ओर इशारा करती हैं कि मामला सामान्य नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक कृत्यों से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रारंभिक चरण में सच्चाई को दबाने और घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई, जो अपने आप में गंभीर और दंडनीय अपराध है। अधिवक्ता झा ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे में यदि जांच प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या सच्चाई को छिपाने का प्रयास हुआ है, तो उसकी स्वतंत्र और पारदर्शी जांच अनिवार्य है। इसी मांग के साथ उन्होंने मानवाधिकार आयोग से अवकाश-प्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की अपील की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिवक्ता एस.के. झा ने सुप्रीम कोर्ट और पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र लिखकर न्यायिक हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि निष्पक्ष जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा मिलेगी।
*खबर में दी गई तस्वीर सांकेतिक है...