मध्य विद्यालयों के मर्जर का एसयूसीआई ने किया विरोध, सरकार से नीति वापस लेने की मांग

  • Post By Admin on Aug 09 2026
मध्य विद्यालयों के मर्जर का एसयूसीआई ने किया विरोध, सरकार से नीति वापस लेने की मांग

मुजफ्फरपुर: एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) ने बिहार में पीएम श्री स्कूल योजना के तहत चयनित राजकीय उच्च एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ आसपास के मध्य विद्यालयों की कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के मर्जर की नीति का विरोध किया है। पार्टी ने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाला कदम बताया है।

पार्टी के राज्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि इस नीति के कारण मध्य विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं को अपने नजदीकी विद्यालय छोड़कर दूर स्थित पीएम श्री विद्यालयों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे सुरक्षा और आवागमन की गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा मर्जर किए गए मध्य विद्यालयों को धीरे-धीरे समाप्त करने की है। उनका कहना था कि कई पीएम श्री विद्यालयों में पहले से नामांकित छात्रों के लिए भी पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में अतिरिक्त छात्रों के आने से पढ़ाई की व्यवस्था और अधिक प्रभावित होगी।

एसयूसीआई ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि पीएम श्री योजना में चयनित विद्यालयों सहित सभी सरकारी स्कूलों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और पठन-पाठन का समुचित माहौल सुनिश्चित किया जाए। पार्टी ने मध्य विद्यालयों के मर्जर पर रोक लगाने और सरकारी शिक्षा को कमजोर करने तथा शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देने वाली नीतियों को वापस लेने की भी मांग की है। यह बयान एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) की बिहार राज्य कमेटी की ओर से जारी किया गया है।