मुजफ्फरपुर से चलने वाली सप्तक्रांति समेत 80 ट्रेनों में बढ़ेंगी सीटें, यात्रियों को मिलेगी राहत

  • Post By Admin on Aug 21 2026
मुजफ्फरपुर से चलने वाली सप्तक्रांति समेत 80 ट्रेनों में बढ़ेंगी सीटें, यात्रियों को मिलेगी राहत

मुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार के रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर है। ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग को कम करने के उद्देश्य से पूर्व मध्य रेल ने 80 प्रमुख ट्रेनों में दो-दो अतिरिक्त कोच जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव पर संबंधित रेल मंडलों से तकनीकी रिपोर्ट मांगी गई है।

मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक स्तर से तैयार प्रस्ताव के बाद सोनपुर, समस्तीपुर समेत संबंधित रेल मंडलों से प्लेटफॉर्म की लंबाई, पिट लाइन की क्षमता और ट्रेनों के अतिरिक्त कोच के साथ संचालन की तकनीकी स्थिति से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। संबंधित मंडलों की रिपोर्ट मिलने के बाद प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रस्तावित ट्रेनों में मुजफ्फरपुर से खुलने और यहां से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। इनमें 12557/12558 सप्तक्रांति एक्सप्रेस, 12565/12566 बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, 12561/12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और 12553/12554 वैशाली एक्सप्रेस शामिल हैं।

इसके अलावा मुजफ्फरपुर-यशवंतपुर, मुजफ्फरपुर-साबरमती, मुजफ्फरपुर-हावड़ा, मुजफ्फरपुर-हडपसर और बरौनी-लखनऊ एक्सप्रेस समेत कई अन्य ट्रेनों को भी प्रस्तावित सूची में शामिल किया गया है। एलएचबी रैक से संचालित ट्रेनों में दो अतिरिक्त कोच जोड़े जाने के बाद प्रत्येक फेरे में यात्रियों के लिए सैकड़ों अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हो सकेंगी। इसका सबसे अधिक फायदा त्योहारों, गर्मी की छुट्टियों और अन्य व्यस्त अवधि में यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। रेल अधिकारियों के अनुसार, संबंधित मंडलों से तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद 24 कोच की क्षमता वाली ट्रेनों के संचालन से जुड़े आवश्यक बदलावों पर निर्णय लिया जाएगा। यदि प्रस्ताव लागू होता है तो इन ट्रेनों में स्थायी रूप से अतिरिक्त कोच जोड़े जा सकते हैं।

मुजफ्फरपुर से दिल्ली, हावड़ा, मुंबई और दक्षिण भारत की ओर बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में अतिरिक्त कोच लगाए जाने से इन मार्गों पर यात्रियों को लंबी वेटिंग से राहत मिलने और कन्फर्म टिकट की संभावना बढ़ने की उम्मीद है। रेल यात्रियों के लिए यह पहल खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि प्रमुख ट्रेनों में लंबे समय से सीटों की मांग अधिक बनी रहती है। अतिरिक्त कोच जुड़ने से रेल यात्रियों की बढ़ती मांग के अनुरूप उपलब्ध सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।