JPSC स्कैम में बड़ा खुलासा: रांची के कोचिंग सेंटर में तैयार होती थी आंसर की
- Post By Admin on Aug 04 2026
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआईडी ने सोमवार को राज्यभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद समेत पांच जिलों के 18 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अभ्यर्थियों से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी को आशंका है कि परीक्षा में बड़े स्तर पर संगठित तरीके से हेरफेर किया गया था।
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा रांची के लालपुर स्थित पतंजलि एकेडमी कोचिंग संस्थान को लेकर सामने आया है। आरोप है कि परीक्षा संचालन से जुड़े मुख्य आरोपी अभय तिवारी की टीम सबसे पहले ओएमआर शीट इसी कोचिंग सेंटर में लेकर पहुंचती थी। यहां विशेषज्ञों की मदद से प्रश्नपत्रों के सही उत्तर तैयार किए जाते थे और बाद में उसी के आधार पर ओएमआर शीट भरी जाती थी। सीआईडी ने कोचिंग संस्थान और उसके संचालक संजीत उर्फ गोल्डेन के ठिकानों पर भी दबिश दी। सीआईडी की यह छापेमारी सोमवार तड़के सुबह करीब 2 बजे शुरू हुई और सुबह 6 बजे तक चली। इस दौरान टीम ने विभिन्न स्थानों से लैपटॉप, मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की पासबुक और चेकबुक, अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड, मार्कशीट समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों को अब तकनीकी जांच के लिए भेजा जा रहा है।
जांच के दौरान सीआईडी ने देवघर स्थित मुख्य आरोपी अभय तिवारी के आवास की भी तलाशी ली। वहीं उसके साले सौरव की तलाश भी की गई, लेकिन वह टीम के हाथ नहीं लगा। हालांकि अब तक सीआईडी ने इस पूरी कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। छापेमारी के दायरे में रांची के धुर्वा सेक्टर-2, साइट-5 स्थित कोचिंग संचालक रवि कुमार का ठिकाना, नामकुम निवासी आदित्य पांडेय का घर तथा बोकारो सेक्टर-3सी स्थित क्वार्टर संख्या-315 में रहने वाले सनत प्रकाश का आवास भी शामिल रहा। जांच एजेंसी इन सभी के परीक्षा घोटाले से जुड़े संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई पहले से गिरफ्तार मुख्य आरोपी अभय तिवारी और परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) के संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ में मिले अहम इनपुट के आधार पर की गई। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित सिंडिकेट में किन-किन अधिकारियों, कर्मचारियों, कोचिंग संस्थानों और अन्य लोगों की भूमिका रही है। सीआईडी द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच के बाद इस मामले में कई नए नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल परीक्षा घोटाले में कई और बड़े खुलासे होने के साथ-साथ नई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।