किसानों ने वैज्ञानिकों के सामने रखीं फसल संबंधी समस्याएं, मिला वैज्ञानिक समाधान

  • Post By Admin on Sep 10 2026
किसानों ने वैज्ञानिकों के सामने रखीं फसल संबंधी समस्याएं, मिला वैज्ञानिक समाधान

लखीसराय : कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), लखीसराय के तत्वावधान में गुरुवार को आत्मा सभागार में एक दिवसीय कृषक वैज्ञानिक वार्तालाप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर स्थानीय कृषि समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान उपलब्ध कराना तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति किसानों को जागरूक करना था।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, हलसी के वैज्ञानिकों ने किसानों से सीधे संवाद किया। इस दौरान किसानों ने खरीफ फसलों में लगने वाले विभिन्न कीट एवं रोग, उनके प्रभावी प्रबंधन, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और फसल उत्पादन में वैज्ञानिक तकनीकों के इस्तेमाल से जुड़ी समस्याएं वैज्ञानिकों के समक्ष रखीं। वैज्ञानिकों ने किसानों के सवालों का व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक तरीके से समाधान बताते हुए आवश्यक कृषि सलाह दी।

कार्यक्रम में ‘खेत बचाओ अभियान’ के महत्व पर भी चर्चा हुई। किसानों को रासायनिक उर्वरकों के अनियंत्रित इस्तेमाल से बचने और मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की कि फसलों में कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर बिना विशेषज्ञ की सलाह के कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं करें। किसानों को कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों से परामर्श लेकर अनुशंसित दवाओं एवं तकनीकों का ही प्रयोग करने की सलाह दी गई। वैज्ञानिकों के अनुसार इससे उत्पादन लागत कम करने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने तथा पर्यावरण और मिट्टी के स्वास्थ्य को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक आत्मा लखीसराय कुंदन कुमार, सहायक निदेशक शस्य भूमि संरक्षण अशोक कुमार, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण अंकित आनंद, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी श्रवण कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र हलसी के वैज्ञानिक डॉ. निशांत प्रकाश एवं डॉ. सुनील कुमार सहित जिले के प्रगतिशील किसान शामिल हुए।