लखीसराय में बाढ़ पीड़ितों के द्वार पहुंचेगी दवा और डॉक्टर, चलंत एम्बुलेंस सेवा रवाना
- Post By Admin on Sep 06 2026
लखीसराय : जिले के विभिन्न प्रखंडों में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले नागरिकों को त्वरित और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रविवार, 6 सितंबर 2026 को विशेष चलंत एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत की गई। प्रभारी मंत्री सुनील कुमार, स्थानीय विधायक रामानंदन मंडल, जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त (DDC), अपर समाहर्ता (ADM) और सिविल सर्जन ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इन सचल एम्बुलेंसों को संबंधित क्षेत्रों के लिए रवाना किया।
बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष चिकित्सा दलों का गठन कर उन्हें अलग-अलग रूटों पर प्रतिनियुक्त किया है। सिविल सर्जन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत बड़हिया प्रखंड के दियारा क्षेत्र—लक्ष्मीपुर, सहजादपुर, खिताहा, चेतनटोला, लाल्दीयारा, कल्याणपुर और आदर्श लक्ष्मीपुर—तथा टाल क्षेत्र के घटकुसुम्भा, रामगढ़ चौक, ऐझनीघाट, भानपुरा, फाजिर, जनपुर और नाथनपुर रूट पर डॉ. ताहिर अली व डॉ. राज कुमार के साथ फार्मासिस्ट, एएनएम और सुरक्षा गार्ड सुबह 7 से 10 बजे और दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक तैनात रहेंगे।
इसी प्रकार पिपरिया प्रखंड के मोहनपुर, ओलीपुर, रामचन्द्रपुर और पिपरिया रूट पर डॉ. प्रतीक शिवम, डॉ. शुभम कुमार, डॉ. कृति अग्रवाल तथा आरबीएसके टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूरजगढ़ा प्रखंड के हुसैया (NH-80) क्षेत्र में डॉ. मृत्युंजय सिंह के नेतृत्व में दल मुस्तैद रहेगा। इसके अतिरिक्त पीएचसी लखीसराय के अंतर्गत आरबीएसके की दो टीमों में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुरेश कुणाल, डॉ. समरीन अजाज, किशोर कुमार, विजयलक्ष्मी, प्रिया कुमारी और अनीता कुमारी को फील्ड में उतारा गया है।
प्रशासन की ओर से सभी मेडिकल टीमों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार प्रतिदिन संबंधित गांवों का अनिवार्य रूप से भ्रमण करें। यदि जांच के दौरान कोई मरीज गंभीर स्थिति में मिलता है, तो उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में जीवनरक्षक दवाओं और आवश्यक चिकित्सीय उपकरणों की शत-प्रतिशत उपलब्धता बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में किसी भी तरह की कमी न हो। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर वे बिना देरी किए नजदीकी चिकित्सा दल अथवा स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।