​सैलाब में डूबा लखीसराय: मवेशियों पर भुखमरी का साया, भाकपा की युद्धस्तर पर मदद की मांग

  • Post By Admin on Sep 05 2026
​सैलाब में डूबा लखीसराय: मवेशियों पर भुखमरी का साया, भाकपा की युद्धस्तर पर मदद की मांग

लखीसराय : जिले के बड़हिया, पिपरिया और लखीसराय अंचल के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से स्थिति भयावह हो गई है। सैलाब के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है, वहीं मूक पशुधन पर भी गंभीर संकट मंडराने लगा है। खेतों में लगा हरा चारा जलमग्न होकर नष्ट हो चुका है और घरों में रखा भूसा व सूखा चारा भी पानी में डूब गया है, जिससे मवेशियों के समक्ष भुखमरी की नौबत आ गई है।

सैकड़ों बाढ़ पीड़ित परिवार अपने पशुओं के साथ बांधों, सड़कों और अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। सुरक्षित ठिकानों पर न तो पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था है और न ही आवश्यक चिकित्सीय देखरेख उपलब्ध हो पा रही है। यदि समय रहते प्रभावित इलाकों तक सहायता नहीं पहुंचाई गई, तो बड़ी संख्या में पशुधन के काल-कवलित होने की आशंका बढ़ जाएगी।

गंभीर हालातों को देखते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने जिला प्रशासन से बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि प्रशासन तत्काल पर्याप्त नावों का परिचालन सुनिश्चित करे और पशुपालकों के लिए सूखा व हरा चारा, पशु दवाएं और आपातकालीन राहत सामग्री बिना किसी देरी के उपलब्ध कराए।

भाकपा नेता रजनीश कुमार ने आपदा की इस घड़ी में स्थानीय राजनीति पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब जनता और मवेशी डूब रहे हैं, तब स्थानीय जनप्रतिनिधि और उनके समर्थक प्रशासनिक मिलीभगत से राजनीतिक अवसर तलाशने और कमीशन के खेल में उलझे हैं। उन्होंने इसे जनता के प्रति घोर संवेदनहीनता करार देते हुए जिला प्रशासन से अपील की कि वह किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना केवल जनहित और पशुधन की सुरक्षा को प्राथमिकता देकर ठोस कदम उठाए।