महिला समानता दिवस पर पर्यावरण भारती ने लगाए पौधे, 5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य

  • Post By Admin on Aug 26 2026
महिला समानता दिवस पर पर्यावरण भारती ने लगाए पौधे, 5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य

पटना : अंतर्राष्ट्रीय महिला समानता दिवस के अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से राजेंद्र नगर स्थित शाखा मैदान परिसर में प्रकृति वंदन एवं वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के साथ महिला समानता के संदेश को भी प्रमुखता से रखा गया। प्रकृति वंदन का नेतृत्व पर्यावरण नारी शक्ति की प्रांत प्रमुख डॉ. सरिता शंकर ने किया। अभियान में चार्टर्ड अकाउंटेंट ऋचा कुमारी और अदिति देवी ने सहयोग किया।

पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली के सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि प्रकृति मानव जीवन का मूल आधार है। पर्यावरण और प्रकृति का संरक्षण किए बिना मानव जीवन की सुरक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में प्रकृति को माता का दर्जा देकर उसकी वंदना और पूजा की जाती रही है। उन्होंने कहा कि वट सावित्री व्रत में बरगद, शनिवार को पीपल तथा छठ पर्व में जलाशय और सूर्य की पूजा की जाती है। पेड़-पौधे मानव जीवन को फल, फूल, औषधि, छाया और प्राकृतिक ऑक्सीजन उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में प्रकृति की रक्षा और अधिक से अधिक वृक्ष लगाना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

राम बिलास शाण्डिल्य ने बताया कि पर्यावरण भारती वर्ष 2008 से लगातार वृक्षारोपण अभियान चला रहा है। संस्था के अनुसार अब तक 1,25,643 पेड़ लगाए जा चुके हैं। इनमें करीब 20 प्रतिशत पौधे नर-पशुओं द्वारा नष्ट हो गए। संस्था ने भविष्य में अभियान को जारी रखते हुए 5 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

डॉ. सरिता शंकर ने अंतर्राष्ट्रीय महिला समानता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 26 अगस्त 1920 को अमेरिका में 19वें संविधान संशोधन के माध्यम से महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में 26 अगस्त को महिला समानता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, मतदान और अन्य क्षेत्रों में पुरुषों के समान अवसर और अधिकार दिलाने की दिशा में जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि महिला समानता दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण प्रकृति और समाज दोनों के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है। महिला और पुरुष के बीच भेदभाव समाप्त कर महिलाओं को जीवन के हर क्षेत्र में समान अवसर मिलना चाहिए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

प्रकृति वंदन एवं वृक्षारोपण अभियान में डॉ. सरिता शंकर, अदिति देवी, ऋचा कुमारी, हिमालय, राम बिलास शाण्डिल्य, चंद्रमणि मिश्र, शिवनाथ शर्मा, शिक्षक अवनीश, दीपक, वरीय अधिवक्ता कृष्ण मुरारी प्रसाद, विशाल सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।