ग्रेटर भागलपुर का बढ़ेगा दायरा, 359 वर्ग किमी में तैयार होगा GIS आधारित मास्टर प्लान
- Post By Admin on Aug 20 2026
भागलपुर: सिल्क सिटी भागलपुर को अगले 20 वर्षों की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार करने का काम निर्णायक चरण में पहुंच गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर चयनित एजेंसी भागलपुर शहर और आसपास के योजना क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण कर रही है। इस योजना के तहत भागलपुर को ‘ग्रेटर भागलपुर’ और ‘सैटेलाइट टाउन’ के रूप में विकसित करने का खाका तैयार किया जा रहा है।
मास्टर प्लान को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए नगर निगम की ओर से जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, रेलवे, बीएसएनएल और पीएचईडी समेत करीब 40 सरकारी विभागों एवं संस्थानों से सेकेंडरी डाटा मांगा गया था। अब विभिन्न विभागों से आंकड़े प्राप्त होने शुरू हो गए हैं। मास्टर प्लान की प्रगति को लेकर नगर निगम, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष आयोजित बैठक में अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इससे योजना के तहत अब तक हुए सर्वेक्षण, बेस मैपिंग और डाटा संग्रह की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
359 वर्ग किलोमीटर में होगा योजना क्षेत्र
प्रस्तावित भागलपुर योजना क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर करीब 359 वर्ग किलोमीटर किया गया है। इसमें 384 राजस्व गांव, तीन शहरी निकाय और चार सेंसस टाउन शामिल किए गए हैं। नई सीमा के तहत उत्तर में नारायणपुर और नाथनगर, दक्षिण में गोराडीह, जगदीशपुर और शाहकुंड, पूर्व में सबौर तथा पश्चिम में सुल्तानगंज तक का क्षेत्र मास्टर प्लान के दायरे में शामिल किया गया है। इस विस्तारित क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए अगले दो दशकों में शहरी विस्तार और आधारभूत संरचना के विकास की योजना तैयार की जाएगी।
सात चरणों में तैयार होगा मास्टर प्लान
भागलपुर के जीआईएस आधारित मास्टर प्लान को कुल सात चरणों में तैयार किया जा रहा है। वर्ष 2023 में इसके पहले चरण के तहत इंसेप्शन रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसके बाद सामाजिक और आर्थिक सर्वेक्षण का काम पूरा किया गया। वर्तमान में बेस मैपिंग और बेसलाइन डाटा तैयार करने का कार्य चल रहा है। इसी डाटा के आधार पर शहर के भविष्य के विस्तार और विभिन्न क्षेत्रों के नियोजित विकास का खाका तैयार किया जाएगा।
सड़क से लेकर अस्पताल तक का बनेगा खाका
मास्टर प्लान के तहत भविष्य में नई सड़कों, सीवरेज एवं ड्रेनेज नेटवर्क, औद्योगिक क्षेत्र, आवासीय कॉलोनियों, पार्क, ग्रीन जोन, मल्टीलेवल भवन और अस्पताल जैसी नागरिक सुविधाओं के लिए क्षेत्र निर्धारित किए जाने की योजना है। इससे भागलपुर के अनियोजित विस्तार को नियंत्रित करने और आने वाले वर्षों की आबादी एवं आर्थिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए आधारभूत संरचना विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने की प्रगति की समीक्षा
मास्टर प्लान की प्रगति को लेकर नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने संबंधित अधिकारियों और चयनित एजेंसी के साथ बैठक कर सर्वेक्षण एवं बेस मैपिंग की स्थिति की समीक्षा की थी। इसके बाद जिलाधिकारी स्तर पर भी योजना की समीक्षा की गई। बैठकों में सर्वेक्षण, तैयार किए जा रहे बेस मैप और विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़ों पर चर्चा की गई। अगले चरण में मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। इसे आम जनता के लिए सार्वजनिक कर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम मसौदा तैयार कर राज्य कैबिनेट के समक्ष भेजे जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यदि योजना निर्धारित रूप में आगे बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों का विकास अधिक व्यवस्थित तरीके से करने के लिए यह मास्टर प्लान महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।