जिलाधिकारी ने की सहयोग शिविरों की समीक्षा, लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश
- Post By Admin on May 07 2026
लखीसराय : जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार के निर्देश पर जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित सहयोग शिविरों का निरीक्षण संबंधित प्रभारी पदाधिकारियों द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान शिविर संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के क्रम में शिविर स्थलों पर लगाए गए बैनर, प्रचार-प्रसार की व्यवस्था, शिकायत काउंटर, आवेदन प्राप्ति एवं निष्पादन प्रक्रिया, पंजी संधारण तथा आम नागरिकों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जांच की गई। साथ ही प्राप्त शिकायतों के निवारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। शिविर प्रभारी पदाधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मियों से जानकारी लेकर फीडबैक प्राप्त किया और संबंधित प्रतिवेदन तैयार किया।
सभी शिविरों से प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर आयोजित समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि थाना एवं प्रखंड स्तर पर सेवा समाधान से जुड़े सभी आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जो आवेदन किसी कारणवश लंबित हैं, उनकी अलग सूची बनाकर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। जिला पदाधिकारी ने कहा कि सहयोग शिविर राज्य सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिकता वाली योजना है। इसलिए सभी पदाधिकारी एवं कर्मी इसे पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संचालित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री सचिवालय स्तर से लगातार शिविरों की निगरानी की जा रही है, ऐसे में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को अधीनस्थ कर्मियों की नियमित निगरानी करते हुए बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मियों के लिए भी बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाई जा सके।बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रेरणा कुमार, अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी पम्मी रानी, वरीय उपसमाहर्ता शशि कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, नजारत उपसमाहर्ता प्राची कुमारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।