पटना में नाट्य शिक्षकों की बहाली को लेकर कलाकारों का प्रदर्शन, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
- Post By Admin on Mar 22 2026
पटना: बिहार दिवस के अवसर पर राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रविवार की संध्या एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला, जहां नाट्य शिक्षकों की बहाली की मांग को लेकर कलाकारों ने नाटक का मंचन किया। यह आयोजन केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक लंबे समय से लंबित मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का हिस्सा बताया गया।
शाम 5 बजे आयोजित इस मंचन के माध्यम से कलाकारों ने सरकार, कला संस्कृति विभाग और शिक्षा विभाग का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। कलाकारों का कहना है कि बिहार सरकार अन्य विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति कर रही है, लेकिन नाट्य विधा से जुड़े कलाकारों को अब तक नजरअंदाज किया जा रहा है। मंचन के दौरान कलाकारों ने स्पष्ट रूप से कहा कि नाट्यशास्त्र, जिसे पंचम वेद का दर्जा प्राप्त है, उससे जुड़े कलाकारों को रोजगार से जोड़ना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि यदि सरकार नाट्य विधा को शिक्षा और रोजगार से जोड़ दे, तो समाज में इस कला को सम्मानजनक स्थान मिलेगा और नई पीढ़ी भी इसकी ओर आकर्षित होगी।
कलाकारों ने मांग की कि बिहार सरकार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) में नाटक विषय को शामिल करे और बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से नाट्य शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता खोले। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे और बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस नाटक का लेखन और निर्देशन वरिष्ठ कलाकार मनीष महिवाल ने किया। मंचन में रजनीश पांडे, मनीष महिवाल, दीपा दीक्षित, रोहित कुमार, अजीत कुमार, सोनल कुमारी, अभिषेक राज, अरविंद कुमार, राहुल कुमार और राम प्रवेश ने अपने अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम के माध्यम से कलाकारों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि यह केवल एक नाटक नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए जारी एक संघर्ष है, जो अभी भी जारी है।