महिलाओं के बीच संविधान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, राष्ट्र सेवा दल ने दिलाई संवैधानिक मूल्यों की जानकारी
- Post By Admin on May 21 2026
मुजफ्फरपुर : राष्ट्र सेवा दल के चार दिवसीय कार्यक्रम के तहत बुधवार को मुशहरी प्रखंड के डुमरी पंचायत में महिलाओं के बीच संविधान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शांति सेना मुजफ्फरपुर के संयोजक सोनू सरकार ने की। इस दौरान महिलाओं को भारतीय संविधान, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सोनू सरकार ने कहा कि भारत का संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को समान अवसर, धार्मिक स्वतंत्रता और सम्मान का अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है, जहां जनता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और सरकार जनता की इच्छा से बनती है। उन्होंने संविधान निर्माण की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संविधान को तैयार करने में 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था। इसे 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने अपनाया और 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया।
उन्होंने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि संविधान हमें समानता, भाईचारे और न्याय का संदेश देता है। देश में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और संविधान की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। राष्ट्र सेवा दल के पूर्व महामंत्री शाहिद कमाल ने संगठन के इतिहास और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्र सेवा दल युवाओं को अनुशासित करने, देश सेवा के लिए तैयार करने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का कार्य करता है। उन्होंने बताया कि संगठन सामाजिक सद्भाव, ग्रामीण विकास और जन-जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र से आए विषय विशेषज्ञ आकाश इंगले और शुभम चोगेल ने गीत और नारों के माध्यम से महिलाओं को संविधान की मूल भावना से अवगत कराया। वहीं सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन के सचिव एवं लोक कलाकार सुनील कुमार ने गीत प्रस्तुत कर लोगों को संविधान पढ़ने और समझने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में ग्राम विचार मंच के संतोष ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापन किया।