सूचना देने में देरी पर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से बिहार सूचना आयोग ने मांगा जवाब
- Post By Admin on Aug 12 2026
मुजफ्फरपुर : बिहार सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराने के मामले में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के तत्कालीन लोक सूचना पदाधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। आयोग ने यह भी पूछा है कि सूचना देने में विलंब के कारण आवेदक को हुई कथित आर्थिक क्षति के लिए क्षतिपूर्ति की राशि क्यों नहीं वसूली जाए तथा सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20 के तहत दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।
यह मामला वाद संख्या A-236/2024 से संबंधित है, जिसमें अपीलार्थी विवेक कुमार ने बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के प्रथम अपीलीय प्राधिकारी और लोक सूचना पदाधिकारी के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई 20 जुलाई 2026 को राज्य सूचना आयुक्त प्रकाश कुमार के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान अपीलार्थी ने आयोग को बताया कि उन्हें मांगी गई सूचना काफी विलंब से प्राप्त हुई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने आयोग के समक्ष आपत्ति एवं क्षतिपूर्ति आवेदन प्रस्तुत करते हुए 2 लाख 50 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति दिलाने का अनुरोध किया।
आयोग ने इस आवेदन की प्रति लोक सूचना पदाधिकारी को भेजते हुए निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई की तिथि पर स्पष्ट प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए। आदेश में कहा गया है कि तत्कालीन लोक सूचना पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि वे अपने स्पष्टीकरण के साथ अगली सुनवाई में स्वयं उपस्थित हों। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि मामले की अगली सुनवाई के लिए निर्धारित तिथि और समय पर लोक सूचना पदाधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी। यदि अपीलार्थी उपस्थित होते हैं तो उन्हें पहचान पत्र के साथ उपस्थित होना होगा।
बिहार सूचना आयोग ने इस मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे निर्धारित की है। आयोग ने अपने आदेश में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की भावना के अनुरूप समय पर सूचना उपलब्ध कराने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।