जीविका दीदियों के लिए बिहार सरकार ने खोली अपनी पोटली, रोजगार की नई व्यवस्था करेगी सृजित

  • Post By Admin on Mar 01 2026
जीविका दीदियों के लिए बिहार सरकार ने खोली अपनी पोटली, रोजगार की नई व्यवस्था करेगी सृजित

पटना: बिहार सरकार ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 725 हाट और बाजार विकसित करेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 447 हाट और 278 बाजारों का निर्माण कराया जाएगा। इन सभी परियोजनाओं की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग को सौंपी गई है।

योजना का उद्देश्य कृषि, पशुधन, मत्स्य और अन्य ग्रामीण उत्पादों के लिए संगठित और आधुनिक विपणन ढांचा तैयार करना है, ताकि किसानों और छोटे व्यापारियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके। विकसित भारत-जी राम जी योजना (VB-G RAM G) के तहत इन हाट-बाजारों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। प्रथम चरण में 20 से 49 डिसमिल क्षेत्रफल वाले 136 हाट और 73 बाजार विकसित किए जाएंगे। द्वितीय चरण में 50 से 99 डिसमिल के 125 हाट और 96 बाजार बनाए जाएंगे। तृतीय श्रेणी में एक एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले 186 हाट और 109 बाजार विकसित करने की योजना है। ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार के अनुसार, पहली श्रेणी के हाट-बाजार में शेड के साथ पांच चबूतरे, शौचालय और पेयजल सुविधा, जीविका दीदियों के लिए तीन स्थायी दुकानें, मल्टीपर्पस स्टोर तथा गार्बेज डिस्पोजल पिट का निर्माण होगा। दूसरी श्रेणी में शेड के साथ 13 चबूतरे, शौचालय-पेयजल सुविधा, जीविका दीदियों के लिए चार स्थायी दुकानें, कार्यालय और मल्टीपर्पस स्टोर की व्यवस्था की जाएगी। तीसरी श्रेणी के बड़े हाट-बाजारों में 16 चबूतरे, शौचालय-पेयजल, जीविका दीदियों के लिए छह स्थायी दुकानें, कार्यालय, दो मल्टीपर्पस स्टोर और गार्बेज डिस्पोजल पिट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार की योजना है कि विकसित सभी हाट-बाजारों को ई-नाम योजना से जोड़ा जाए, ताकि डिजिटल माध्यम से भी विपणन को बढ़ावा मिल सके। कृषि विपणन निदेशालय इस कार्य को संपादित करेगा। निर्माण पूर्ण होने के बाद संबंधित विभाग इन परिसरों को जिला स्तर के अधिकारियों को हस्तांतरित करेगा, जिसके लिए जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। हाट-बाजारों में निर्मित स्थायी दुकानों और ‘दीदी की रसोई’ के आवंटन का निर्णय जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा लिया जाएगा। रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी भी स्वामित्व वाले विभाग के पास होगी।

ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। स्थानीय उत्पादों को संगठित बाजार उपलब्ध होगा और जीविका दीदियों, छोटे किसानों तथा ग्रामीण उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा। यह योजना रोजगार और आजीविका सृजन की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।