भोजपुर एनकाउंटर मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग

  • Post By Admin on Jun 20 2026
भोजपुर एनकाउंटर मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग

मुजफ्फरपुर: भोजपुर जिले में हुए चर्चित पुलिस एनकाउंटर का मामला अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस.के. झा ने इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (नई दिल्ली) तथा राज्य मानवाधिकार आयोग (पटना) में अलग-अलग याचिकाएं दायर कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

याचिका में भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। अधिवक्ता एस.के. झा ने आयोग से अनुरोध किया है कि इस मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए तथा पूरे प्रकरण की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। याचिका में यह भी मांग की गई है कि यदि जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका दोषपूर्ण पाई जाती है तो उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा प्रदान करने की भी मांग उठाई गई है।

मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला मानवाधिकार उल्लंघन की गंभीर श्रेणी में आता है। इसलिए इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। गौरतलब है कि भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत को लेकर पहले से ही कई सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि जवाबी कार्रवाई में भरत तिवारी की मौत हुई। इस बीच मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचने के बाद अब पूरे घटनाक्रम पर आयोग के रुख और जांच प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।