विश्व स्वास्थ्य दिवस पर पीएम श्री प्लस टू विद्यालय खुटहा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
- Post By Admin on Apr 07 2026
लखीसराय : विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 के अवसर पर पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय खुटहा में मंगलवार को उत्साह और जागरूकता के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. मनोज कुमार चौधरी के कुशल नेतृत्व और देखरेख में संपन्न हुआ।
इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम “स्वस्थ शुरुआत, आशाजनक भविष्य” पर आधारित रही, जो मानव, पशु, पौधे और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर सामूहिक प्रयासों से बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा में स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े नारों के साथ हुई। इस दौरान डॉ. मनोज कुमार चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य जीवन की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य अच्छा नहीं हो तो जीवन की किसी भी उपलब्धि का वास्तविक आनंद नहीं लिया जा सकता।
उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को हुई थी और वर्ष 1950 से प्रतिवर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, रोगों की रोकथाम और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।
डॉ. चौधरी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “स्वस्थ तन, मन और जीवन का मूलमंत्र है”, “इलाज से बेहतर है रोकथाम” तथा “स्वच्छता अपनाएं, बीमारियों को दूर भगाएं” जैसे संदेशों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वास्थ्य जागरूकता की शपथ भी दिलाई गई, जिसमें उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-प्रशांत कुमार सिन्हा, विजय कुमार, संजीव कुमार चौधरी, धीरेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार, बदल कुमार, रत्न कुमार, विकास कुमार, खुशबू कुमारी, सत्यम कुमार, मौसमी कुमारी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक और वैश्विक जिम्मेदारी है, जिसके लिए सभी को मिलकर सतत प्रयास करना होगा।