लीचीपुरम की पहचान को जीवंत करने की पहल, गीत संग्रह लीचीया लाले लाल का विमोचन

  • Post By Admin on May 23 2026
लीचीपुरम की पहचान को जीवंत करने की पहल, गीत संग्रह लीचीया लाले लाल का विमोचन

मुजफ्फरपुर : राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मलंग स्थान परिसर में शनिवार को सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से “लीचीपुरम सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियान” एवं “अनहद शुभ सृजन संवाद मीठा मुस्कुराने के मधुर अभियान” के तहत “लीचीया लाले लाल” गीत संग्रह पुस्तक का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरणविद् सुरेश कुमार गुप्ता ने पुस्तक का विमोचन किया।

इस अवसर पर सुरेश कुमार गुप्ता ने कहा कि लीचीपुरम अपनी प्राकृतिक मिठास, खुशबू और सांस्कृतिक पहचान के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध रहा है, लेकिन वर्तमान समय में यह क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि लीची केवल एक फल नहीं, बल्कि मुजफ्फरपुर की सांस्कृतिक पहचान, लोकजीवन और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में इसकी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान लीची फल तोड़ने से पूर्व प्रकृति देवी-देवताओं का आह्वान कर आशीर्वाद लिया गया। साथ ही लोक कला, लोक गायन, वादन और कठपुतली नृत्य के माध्यम से लीची के स्वागत और किसानों के सम्मान का संदेश दिया गया। फाउंडेशन और कठपुतली कलाकार सुनील कुमार की ओर से प्रकाशित “लीचीया लाले लाल” गीत संग्रह को लीचीपुरम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास बताया गया।

कार्यक्रम में बिहार बाल भवन किलकारी की प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक पूनम कुमारी, पूर्णिमा बाला, शांति सेना के राष्ट्रीय संयोजक अशोक भारत तथा शांति सेना मुजफ्फरपुर के संयोजक सोनू सरकार ने पुस्तक के लिए कठपुतली कलाकार एवं फाउंडेशन के सचिव सुनील कुमार को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

इस दौरान बिहार बाल भवन के छात्र कर्ण कुमार को “लीचीया लाले लाल” गीत संग्रह पुस्तक देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में लोक गायिका अनिता कुमारी, लोक कलाकार आदित्य सुमन सहित कई सांस्कृतिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन सरला श्रीवास युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी ने किया।