रिलायंस रिटेल बनी हेक्टाकॉर्न, दुनिया की सबसे मूल्यवान स्टार्टअप कंपनियों में सातवां स्थान
- Post By Admin on Apr 09 2026
नई दिल्ली : रिलायंस रिटेल दुनिया की सबसे मूल्यवान निजी स्टार्टअप कंपनियों की वैश्विक सूची में सातवें स्थान पर पहुंच गई है। स्टैनफर्ड ग्रैजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार 100 अरब डॉलर से अधिक के मूल्यांकन के साथ कंपनी ने वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पहली 100 सबसे मूल्यवान स्टार्टअप कंपनियों की सूची में भारत की तीन कंपनियों को जगह मिली है, जिनमें रिलायंस रिटेल सबसे ऊंचे स्थान पर है।
रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस रिटेल का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 100 अरब डॉलर से अधिक है, जिससे वह दुनिया की उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हो गई है जिन्हें ‘हेक्टाकॉर्न’ कहा जाता है। जिन स्टार्टअप कंपनियों का मूल्यांकन 100 अरब डॉलर से अधिक होता है उन्हें हेक्टाकॉर्न की श्रेणी में रखा जाता है। शीर्ष सात कंपनियों में रिलायंस रिटेल रिटेल क्षेत्र की एकमात्र कंपनी है।
कंपनी को कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, केकेआर, सिल्वरलेक, जीआईसी, टीपीजी और मुबाडाला जैसे प्रमुख वैश्विक निवेशकों से निवेश प्राप्त हुआ है। निवेशकों द्वारा तय किए गए कंपनी के मूल्यांकन को ही इस रैंकिंग का आधार माना गया है। यह रैंकिंग स्टैनफर्ड ग्रैजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस की वेंचर कैपिटल पहल द्वारा तैयार की गई है, जो जनवरी 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित है।
सूची में पहले तीन स्थान पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की कंपनियों का दबदबा है। पहले स्थान पर ओपनएआई, दूसरे स्थान पर एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स और तीसरे स्थान पर एंथ्रोपिक है, जो वैश्विक निवेश में तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनियों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
रिपोर्ट में भारत की कुल तीन कंपनियां शामिल हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज 24 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ 27वें स्थान पर है, जबकि टाटा ईवी मोबिलिटी 9 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ 93वें स्थान पर रही। वैश्विक स्तर पर इस सूची में अमेरिका 65 कंपनियों के साथ सबसे आगे है, जबकि चीन की 21 कंपनियां शामिल हैं। भारत और ब्रिटेन की तीन-तीन कंपनियों ने सूची में स्थान बनाया है।
रिपोर्ट के अनुसार शीर्ष तीन कंपनियां ओपनएआई, स्पेसएक्स और एंथ्रोपिक मिलकर पूरी सूची के कुल मूल्यांकन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रखती हैं, जो वैश्विक निवेश में एआई क्षेत्र की मजबूत पकड़ को दर्शाता है। वहीं रिलायंस रिटेल की रैंकिंग वैश्विक खुदरा बाजार में भारत की बढ़ती मौजूदगी को भी रेखांकित करती है।