नीतीश कुमार बन गए पूर्व मुख्यमंत्री, इस्तीफा की चर्चा के बाद नए मुख्यमंत्री की खोज जारी

  • Post By Admin on Mar 05 2026
नीतीश कुमार बन गए पूर्व मुख्यमंत्री, इस्तीफा की चर्चा के बाद नए मुख्यमंत्री की खोज जारी

पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का ऐलान करते हुए अपनी राजनीतिक यात्रा की नई पारी शुरू करने का संकेत दे दिया है। लंबे समय से राज्य की राजनीति का केंद्र रहे नीतीश कुमार अब जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। करीब दो दशकों तक बिहार की सत्ता का नेतृत्व करने वाले नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10 बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और छह बार सांसद के रूप में भी देश की संसद में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

राजनीतिक सफर में कई अहम पड़ाव

नीतीश कुमार भारतीय राजनीति के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वर्ष 1985 में पहली बार विधायक बनने के साथ उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई। इसके बाद 1989 में वे पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए और आगे चलकर कुल छह बार सांसद बने। केंद्र सरकार में उन्होंने कृषि, रेल और भूतल परिवहन जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाली।

2000 में पहली बार बने बिहार के मुख्यमंत्री

नीतीश कुमार ने 3 मार्च 2000 को पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस समय वे समता पार्टी के नेता के रूप में सत्ता में आए थे। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में कई बार मुख्यमंत्री पद संभाला और कुल मिलाकर रिकॉर्ड 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। भाजपा-जदयू गठबंधन और राजद के साथ बने महागठबंधन, दोनों ही दौर में वे सरकार का चेहरा रहे।

करीब दो दशक तक संभाली बिहार की कमान

2005 से लेकर अब तक बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का दबदबा लगातार बना रहा। उन्होंने विकास, सुशासन और सामाजिक संतुलन की राजनीति के जरिए खुद को राज्य की राजनीति का केंद्रीय चेहरा बनाए रखा। बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच भी वे लगातार सत्ता के केंद्र में रहे।

राज्यसभा से नई पारी की तैयारी

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार अब राज्यसभा के जरिए राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं। यदि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हैं तो बिहार की राजनीति में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन संभव है। इसी के साथ यह भी चर्चा है कि उनके बेटे निशांत कुमार जल्द ही सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं और उन्हें विधान परिषद सदस्य बनाया जा सकता है।

व्यक्तिगत जीवन

नीतीश कुमार की पत्नी मंजू कुमारी सिन्हा पेशे से शिक्षिका थीं। उनका निधन 14 मई 2007 को नई दिल्ली के एक अस्पताल में हुआ था। उनके पुत्र निशांत कुमार हैं, जिनके राजनीति में आने की चर्चा लंबे समय से होती रही है।

लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक करियर

1985 में पहली बार विधायक बनने से लेकर 2025 में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद संभालने तक नीतीश कुमार का राजनीतिक करियर कई महत्वपूर्ण पड़ावों से गुजरा है। सांसद, केंद्रीय मंत्री, विधायक, विधान परिषद सदस्य और मुख्यमंत्री जैसे कई पदों पर रहते हुए उन्होंने बिहार और देश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।

अब राज्यसभा के जरिए उनकी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत को बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि उनके इस फैसले का राज्य की सियासत पर क्या असर पड़ता है।