कांग्रेस बनाम भाजपा : संसद में किताबों से छिड़ी इतिहास की लड़ाई
- Post By Admin on Feb 05 2026
नई दिल्ली : पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब को लेकर संसद में चल रहे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 40 किताबों की एक सूची जारी करते हुए दावा किया कि ये किताबें भारत का “असली इतिहास” बताती हैं और कांग्रेस शासन से जुड़े कई विवादित पहलुओं को उजागर करती हैं।
निशिकांत दुबे ने कहा कि इन पुस्तकों में आपातकाल के दौर (1975–77), वंशवादी राजनीति, सत्ता के दुरुपयोग और नेहरू–गांधी परिवार से जुड़े विभिन्न राजनीतिक घटनाक्रमों का विस्तृत विवरण है। उन्होंने 40 अलग-अलग पोस्ट के जरिए हर किताब का नाम, लेखक और उसका संक्षिप्त सार भी साझा किया।
भाजपा सांसद ने तर्क दिया कि संसद में अप्रमाणित लेखों या कथित अप्रकाशित सामग्री पर चर्चा करने के बजाय उन पुस्तकों पर बहस होनी चाहिए, जो पहले से प्रकाशित हैं और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। उनके अनुसार, ये किताबें कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल और गांधी परिवार के राजनीतिक इतिहास पर अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत करती हैं।
यह विवाद तब और तेज हो गया, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में भारत-चीन गतिरोध से जुड़ा मुद्दा उठाते हुए एक मैगजीन लेख का हवाला दिया, जिसमें जनरल नरवणे की कथित अप्रकाशित किताब का उल्लेख था। इस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई और प्रामाणिक स्रोतों की मांग की।
इसके बाद राहुल गांधी संसद परिसर में जनरल नरवणे की किताब लेकर पहुंचे और मीडिया को दिखाया। जवाब में निशिकांत दुबे भी कई किताबें सदन में लाए और कार्यवाही के दौरान कुछ अंश पढ़े, जिस पर विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
निशिकांत दुबे ने दावा किया कि उन्होंने जिन 40 किताबों का जिक्र किया है, वे केवल एक हिस्सा हैं। उनके अनुसार, अब तक कम से कम 150 ऐसी किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो कांग्रेस और नेहरू–गांधी परिवार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार, राजनीतिक फैसलों और विवादों पर सवाल उठाती हैं।