भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में 'सत्रारंभ' कार्यक्रम, नवप्रशिक्षुओं को मिला मार्गदर्शन
- Post By Admin on Jul 27 2026
मुजफ्फरपुर : भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सदातपुर में बी.एड. प्रथम वर्ष (सत्र 2026–2028) के नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं के स्वागत के लिए 'सत्रारंभ' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों का महाविद्यालय परिवार में स्वागत करने के साथ-साथ उन्हें संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, शिक्षक शिक्षा के उद्देश्यों और महाविद्यालय की कार्यप्रणाली से परिचित कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना, पूजा-अर्चना और मंगलाचरण के साथ हुई। पूरे कार्यक्रम का संचालन बी.एड. द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं ने प्रभावशाली ढंग से किया, जिसकी सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सौरभ कुमार ने नवप्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों, अध्ययनशीलता और सेवा-भाव को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षक शिक्षा की बदलती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को जिम्मेदार, संस्कारित और राष्ट्रनिष्ठ शिक्षक बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर डॉ. मिन्नी कुमारी ने महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, विभिन्न विभागों और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं से नवप्रशिक्षुओं का परिचय कराया। वहीं श्री शैलेन्द्र कुमार ने महाविद्यालय के नियम, अनुशासन और आचार-संहिता से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विभागाध्यक्ष (डी.एल.एड.) डॉ. सतीश चन्द्र ने पाठ्यक्रम, कक्षा संचालन, आंतरिक मूल्यांकन, विद्यालय इंटर्नशिप और प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्य तथा बी.एड. प्रथम वर्ष के बड़ी संख्या में नवप्रवेशित प्रशिक्षु उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में नए शैक्षणिक जीवन के प्रति उत्साह, आत्मविश्वास और शिक्षक बनने के संकल्प को और मजबूत किया।