विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करने के आरोप पर बीआरएबीयू में तीसरे दिन भी प्रदर्शन
- Post By Admin on Aug 13 2026
मुजफ्फरपुर : बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के विरोध में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी आधे घंटे का धरना-प्रदर्शन किया। यह आंदोलन बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन का हिस्सा है।
संघर्ष मोर्चा द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक विश्वविद्यालय विभागों और महाविद्यालयों में कार्यस्थल पर ही विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। बुधवार को विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और कॉलेजों में शिक्षक एवं कर्मचारी एकत्र हुए और प्रस्तावित विधेयक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 से राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता प्रभावित होगी। उन्होंने इसे उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताते हुए विधेयक को वापस लेने की मांग दोहराई।बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के संयोजक मंडल के सदस्य डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता, प्रो. ललन कुमार झा, श्री राजीव कुमार और श्री राम कुमार ने आंदोलन के तीसरे चरण को सफल बनाने के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने कहा कि राज्य स्तरीय आंदोलन को पूरी मजबूती के साथ जारी रखा जाएगा और सभी शिक्षक-कर्मचारियों से आगे भी एकजुट बने रहने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के खिलाफ यह संघर्ष उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा के लिए जारी रहेगा।