नोएडा में शुरू हुई देश की अत्याधुनिक ड्रोन यूनिट, राजनाथ-योगी ने किया लोकार्पण

  • Post By Admin on Aug 30 2025
नोएडा में शुरू हुई देश की अत्याधुनिक ड्रोन यूनिट, राजनाथ-योगी ने किया लोकार्पण

नोएडा : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को नोएडा पहुंचे, जहां उन्होंने सेक्टर-81 स्थित राफी मोहिब ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और रक्षा उपकरण एवं इंजन टेस्ट फैसिलिटी का भव्य लोकार्पण किया। इस मौके को भारत की आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के बीच अत्याधुनिक ड्रोन, एयरक्राफ्ट इंजन और एयरोस्पेस टेस्ट फैसिलिटी देश की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा, “आपके पास ताकत है तो दुनिया नतमस्तक होती है। शास्त्र और शस्त्र का बेहतर समन्वय होगा तो शांति स्वतः कायम होगी।” योगी ने महाराणा प्रताप की वीरता का स्मरण करते हुए बताया कि यूपी में नौ ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां संचालित हैं और राज्य सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर के लिए 12,500 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में स्थापित ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अपनी क्षमता साबित की है और यह आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनेगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई यूनिट को भारत की “डिफेंस साइंस रिवॉल्यूशन” की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि 2017 में महज 10 लोगों से शुरू हुई यह कंपनी आज 3,600 से अधिक वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ काम कर रही है। राजनाथ सिंह ने दावा किया कि इस कंपनी द्वारा निर्मित ड्रोन इतने उन्नत हैं कि “अमेरिका या चीन का कोई भी डिफेंस सिस्टम इन्हें डिटेक्ट नहीं कर सकता।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि ड्रोन अब केवल निगरानी का साधन नहीं रहे, बल्कि आधुनिक युद्ध की धुरी बन चुके हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि भविष्य की जंग में ड्रोन निर्णायक भूमिका निभाएंगे। पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने हर चुनौती में नया रास्ता बनाया है और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बनी भारतीय तकनीक ने इसका प्रमाण दिया है।

रक्षा मंत्री ने कहा, “आज से कुछ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है।”

इस लोकार्पण को देश की रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।