गंगासागर मेले में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़, 85 लाख ने किया पुण्य स्नान

  • Post By Admin on Jan 14 2026
गंगासागर मेले में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़, 85 लाख ने किया पुण्य स्नान

सागरद्वीप : मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गंगा और सागर के संगम में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। ममता बनर्जी सरकार के अनुसार अब तक 85 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने गंगासागर में पुण्य स्नान किया है। राज्य के मंत्री अरूप विश्वास ने बुधवार शाम आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह दावा करते हुए कहा कि आने वाले समय में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

मंत्री अरूप विश्वास ने गंगासागर मेले की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिससे यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम हुई है। हालांकि, स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर प्रशासनिक दावों पर सवाल भी उठाए।

मेले के दौरान असम निवासी तीर्थयात्री मिठू मंडल (51) की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से बीमार पड़े पांच श्रद्धालुओं को एयरलिफ्ट कर कोलकाता भेजा गया। बुधवार को दो महिला तीर्थयात्रियों, दरभंगा (बिहार) निवासी प्रेमाकांति देवी (72) तथा पूर्वी चंपारण की एक अन्य महिला श्रद्धालु को भी इलाज के लिए कोलकाता रेफर किया गया।

प्रशासन के अनुसार मकर संक्रांति का पुण्यकाल 14 जनवरी दोपहर 1.19 बजे से प्रारंभ होकर 15 जनवरी दोपहर 1.19 बजे तक निर्धारित है। इस दौरान सागर तट पर भारी भीड़ देखी गई। पुण्य स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने कपिलमुनि मंदिर में दर्शन किए और हर-हर गंगे तथा जय कपिल मुनि के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।

हालांकि अत्यधिक भीड़ और घने कोहरे के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। बस और वेसेल सेवाओं में बाधा आने से कई स्थानों पर तीर्थयात्रियों को 6 से 8 घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर लंबे जाम की स्थिति बनी रही, जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हुई।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बताया कि अब तक पॉकेटमारी की 272 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें से 260 मामलों में पुलिस ने खोई हुई वस्तुएं बरामद कर ली हैं। इसके अलावा विभिन्न आपराधिक मामलों में 672 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मेले में लापता हुए लगभग एक हजार लोगों में से अधिकांश को खोजकर उनके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से तकनीकी पहल भी की गई है। ई-परिचय नामक क्यूआर कोड के माध्यम से खोए हुए बुजुर्गों और बच्चों की पहचान में मदद मिल रही है। वहीं ई-अनुसंधान क्यूआर कोड से मेले से जुड़ी जानकारियां आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं। बंधन योजना के तहत फोटो बूथ की व्यवस्था की गई है, जहां से श्रद्धालुओं को निःशुल्क फोटो सहित प्रमाण पत्र दिया जा रहा है।

मेले की सुरक्षा व्यवस्था में 15,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ-साथ 2500 सिविल डिफेंस कर्मी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और तटरक्षक बल के जवान तैनात हैं। निगरानी टावर, पैदल और नदी गश्ती दल, खोजी कुत्ते तथा विशेष समन्वय टीमें लगातार सक्रिय हैं। तीर्थयात्रियों के आवागमन के लिए 2500 से अधिक बसें और 1000 से 2500 यात्रियों की क्षमता वाले 13 बर्ज संचालित किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि गंगासागर मेला 2026 का आयोजन 7 जनवरी से शुरू होकर 17 जनवरी तक चलेगा। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए सागरद्वीप पर सुरक्षा और सुविधाओं को और सुदृढ़ किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।