भारत का पाकिस्तानी सीमा पर वायुसेना युद्धाभ्यास तेज, पाकिस्तान में डर का माहौल, बढ़ाई चौकसी

  • Post By Admin on Mar 03 2026
भारत का पाकिस्तानी सीमा पर वायुसेना युद्धाभ्यास तेज, पाकिस्तान में डर का माहौल, बढ़ाई चौकसी

नई दिल्ली: भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक बार फिर सैन्य गतिविधियां तेज होने जा रही हैं। भारतीय वायु सेना ने दक्षिणी सेक्टर में व्यापक युद्धाभ्यास की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे पड़ोसी देश पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है। पहले से ही अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन के साथ तनावपूर्ण संबंधों और ईरान सीमा पर सक्रिय हालातों से जूझ रहे पाकिस्तान ने भारत से सटी अपनी सीमाओं पर अतिरिक्त चौकसी बढ़ा दी है।

5 से 12 मार्च तक रहेगा विशेष एयरस्पेस आरक्षित

सूत्रों के अनुसार भारत ने 5 से 12 मार्च तक भारत-पाकिस्तान सीमा के दक्षिणी हिस्से के पास वायुसेना अभ्यास के लिए एयरस्पेस को अस्थायी रूप से आरक्षित करने हेतु नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया है। यह क्षेत्र मुख्य रूप से राजस्थान और पाकिस्तान के सिंध प्रांत से सटा हुआ है। इस कदम के बाद पाकिस्तान की सैन्य और वायु इकाइयां सतर्क हो गई हैं।

दक्षिणी सेक्टर में बढ़ी हलचल

भारत-पाक सीमा का दक्षिणी सेक्टर रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। जब भी इस इलाके में सैन्य अभ्यास होता है, दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनती है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे अभ्यास नियमित सैन्य तैयारी का हिस्सा होते हैं, लेकिन क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए इनकी राजनीतिक और सामरिक व्याख्या भी की जाती है।

क्यों जारी किया जाता है NOTAM

रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी बड़े सैन्य अभ्यास से पहले NOTAM जारी करना एक नियमित प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य नागरिक विमानों को पूर्व सूचना देना होता है, ताकि वे निर्धारित समय के दौरान उस विशेष एयरस्पेस में प्रवेश न करें। इससे सैन्य गतिविधियों के दौरान हवाई सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।

कई मोर्चों पर उलझा है पाकिस्तान

रक्षा सूत्रों का कहना है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव झेल रहा है। अफगानिस्तान के साथ सीमा विवाद, ईरान के साथ सुरक्षा चुनौतियां और पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच अरब सागर में नौसैनिक निगरानी—इन सबके कारण पाकिस्तान की रणनीतिक स्थिति पहले से संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में भारत की ओर से बड़े पैमाने पर वायुसेना अभ्यास की घोषणा ने उसकी चिंता को और बढ़ा दिया है।

हालांकि भारत की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह एक पूर्व निर्धारित सैन्य अभ्यास है और इसका उद्देश्य नियमित प्रशिक्षण और युद्ध क्षमता को सुदृढ़ करना है। फिर भी क्षेत्रीय भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में दोनों देशों की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।

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