महंगाई का नया झटका: घरेलू एलपीजी सिलेंडर फिर से हुआ महंगा, आपकी जेब पर बढ़ेगी बोझ

  • Post By Admin on Jun 07 2026
महंगाई का नया झटका: घरेलू एलपीजी सिलेंडर फिर से हुआ महंगा, आपकी जेब पर बढ़ेगी बोझ

पटना: आम लोगों को एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है। शनिवार से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस के दामों में हुई इस वृद्धि से आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 7 मार्च 2026 को घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में 60 रुपए की वृद्धि की गई थी।

नई दरें लागू होने के बाद बिहार में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1002.50 रुपए से बढ़कर 1031.50 रुपए हो गई है। वहीं झारखंड में सिलेंडर 999.50 रुपए, उत्तर प्रदेश में 979.50 रुपए, पश्चिम बंगाल में 968 रुपए, कर्नाटक में 944.50 रुपए, दिल्ली में 942 रुपए और मुंबई में 941.50 रुपए का हो गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू गैस की कीमतों में वृद्धि के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां मुख्य कारण हैं। मध्य-पूर्व में जारी तनाव और संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है, जिससे कच्चे तेल, एलपीजी और अन्य ईंधनों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि कीमतों में वृद्धि के बावजूद सरकारी तेल कंपनियां प्रत्येक घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर लगभग 700 रुपए की अंडर-रिकवरी वहन कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की पूरी लागत उपभोक्ताओं पर नहीं डाली है।

एलपीजी के अलावा पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। जानकारी के अनुसार मई के मध्य से अब तक पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 7.50 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि सीएनजी लगभग 6 रुपए प्रति किलोग्राम महंगी हो गई है। हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी भरोसा दिलाया है कि देश में कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर बनी हुई है। मंत्रालय के अनुसार सभी रिफाइनरी संयंत्र पूर्ण क्षमता से काम कर रहे हैं तथा पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इसके अलावा कालाबाजारी रोकने और आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए डिजिटल सत्यापन प्रणाली का भी उपयोग किया जा रहा है।

रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के लगातार महंगे होने से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। खासकर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए घरेलू खर्च संभालना और कठिन होता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में तेजी जारी रही तो आने वाले दिनों में आम जनता को और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।