वायुसेना के दुर्घटनाग्रस्त दो लड़ाकू विमानों की भरपाई पर मंथन, Mk1A विकल्प पर टिकी निगाहें

  • Post By Admin on Feb 01 2026
वायुसेना के दुर्घटनाग्रस्त दो लड़ाकू विमानों की भरपाई पर मंथन, Mk1A विकल्प पर टिकी निगाहें

नई दिल्ली: पिछले वर्ष दुर्घटनाग्रस्त हुए स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमानों की भरपाई को लेकर भारतीय वायुसेना में उच्च स्तर पर विचार-विमर्श तेज हो गया है। शीर्ष सूत्रों के अनुसार, वायुसेना के सामने दो विकल्प हैं—या तो मौजूदा तेजस मार्क-1 के नए विमान शामिल किए जाएं, या फिर संबंधित स्क्वाड्रन को सीधे उन्नत तेजस मार्क-1A संस्करण में परिवर्तित किया जाए। इस अहम निर्णय की दिशा तेजस Mk1A की समयबद्ध डिलीवरी से तय होगी।

  • 18 स्क्वाड्रन को करनी है दो विमानों की भरपाई

जानकारी के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त दोनों विमान वायुसेना की 18 स्क्वाड्रन ‘फ्लाइंग बुलेट्स’ का हिस्सा थे। फिलहाल स्क्वाड्रन के पास 16 तेजस मार्क-1 (FOC मानक) विमान उपलब्ध हैं, जो प्रशिक्षण और ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं। हालांकि, तकनीकी दृष्टि से ये आगामी मार्क-1A की तुलना में पुराने माने जाते हैं।

  • Mk1A में क्या है खास

अपग्रेडेड तेजस मार्क-1A में अत्याधुनिक रडार, बेहतर जैमिंग क्षमता, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) सिस्टम और कई नई तकनीकों को शामिल किया गया है, जिससे इसकी मारक क्षमता और सर्वाइवेबिलिटी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

  • कितने तेजस का ऑर्डर, कब तक उत्पादन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वायुसेना ने अभी दुर्घटनाग्रस्त दो विमानों की प्रत्यक्ष भरपाई नहीं की है, क्योंकि Mk1A की डिलीवरी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। वायुसेना पहले ही हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को बड़े ऑर्डर दे चुकी है। वर्ष 2021 में 73 सिंगल-सीटर और 10 ट्विन-सीटर विमानों का करार हुआ था, जिसके बाद हाल ही में अतिरिक्त 97 विमानों को मंजूरी मिली है। इन विमानों का उत्पादन 2032 तक चलने की संभावना है।

  • डिलीवरी समय पर हुई तो Mk1A से होगी भरपाई

रिपोर्ट के मुताबिक, यदि Mk1A कार्यक्रम स्थिर गति से आगे बढ़ता है और समय पर डिलीवरी होती है, तो दुर्घटनाग्रस्त दोनों विमानों की भरपाई सीधे Mk1A के रूप में की जा सकती है। फिलहाल वायुसेना की प्राथमिकता Mk1A कार्यक्रम को गति देना है, ताकि स्क्वाड्रन स्ट्रेंथ से जुड़े लक्ष्यों को तय समयसीमा में हासिल किया जा सके।

•खबर में दी गई तस्वीर सांकेतिक है...