चंद्रयान-2 के रडार ने खोले चांद के रहस्य, बर्फ की मौजूदगी के संकेत

  • Post By Admin on May 28 2026
चंद्रयान-2 के रडार ने खोले चांद के रहस्य, बर्फ की मौजूदगी के संकेत

नई दिल्ली : भारत के महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-2’ ने चांद को लेकर एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि हासिल की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर वैज्ञानिकों को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित गहरे क्रेटरों के नीचे पानी की बर्फ मौजूद होने के मजबूत संकेत मिले हैं। इस खोज को भविष्य के मानव चंद्र अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह शोध अहमदाबाद स्थित फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (PRL) के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है। वैज्ञानिकों ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के उन क्षेत्रों का अध्ययन किया जहां अरबों वर्षों से सूर्य की रोशनी नहीं पहुंची है। इन क्षेत्रों को विज्ञान की भाषा में ‘परमानेंटली शैडोड रीजन’ (PSR) कहा जाता है। लगातार अंधेरे में रहने के कारण इन इलाकों का तापमान माइनस 248 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जिससे वहां मौजूद बर्फ लंबे समय से सुरक्षित बनी हुई है।

इस ऐतिहासिक खोज में चंद्रयान-2 ऑर्बिटर में लगे ‘ड्यूल फ्रीक्वेंसी सिंथेटिक अपर्चर रडार’ (DFSAR) की अहम भूमिका रही। यह अत्याधुनिक रडार चंद्रमा की सतह के साथ-साथ उसकी गहराई में भी अध्ययन करने में सक्षम है। वैज्ञानिकों ने रडार से प्राप्त संकेतों का विश्लेषण कर ऐसे चार प्रमुख क्रेटरों की पहचान की है, जहां सतह के नीचे भारी मात्रा में बर्फ मौजूद होने की संभावना जताई गई है।

वैज्ञानिकों ने इस अध्ययन में एक नई तकनीक का भी इस्तेमाल किया। आमतौर पर यह पहचानना मुश्किल होता है कि रडार संकेत चट्टानों से परावर्तित हो रहे हैं या बर्फ से। इस चुनौती को दूर करने के लिए शोधकर्ताओं ने ‘वृत्ताकार ध्रुवीकरण अनुपात’ (CPR) और ‘ध्रुवीकरण की डिग्री’ (DOP) जैसे विशेष मानकों का उपयोग किया। इस उन्नत तकनीक की मदद से वैज्ञानिक यह साबित करने में सफल रहे कि चंद्रमा की सतह के नीचे चट्टानों के साथ पानी की बर्फ की परतें मौजूद हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, चंद्रमा पर पानी की बर्फ की मौजूदगी भविष्य में मानव बस्तियां बसाने, पीने का पानी उपलब्ध कराने और रॉकेट ईंधन तैयार करने जैसी संभावनाओं के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है। भारत की यह उपलब्धि अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है।