ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा, 90 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल, भारत पर भी असर की आशंका
- Post By Admin on Aug 31 2026
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बढ़े सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दिखाई देने लगा है। दोनों देशों के बीच हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है और इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत फिर से 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई है। तेल की कीमतों में इस तेजी को भारत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात के जरिए पूरा करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के महंगा होने से आने वाले समय में भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर रुपये की कीमत, महंगाई और परिवहन लागत पर भी पड़ने की आशंका रहती है।
बाजार विशेषज्ञों की नजर अब अमेरिका-ईरान के बीच आगे की स्थिति पर है। यदि तनाव और बढ़ता है या खाड़ी क्षेत्र में तेल आपूर्ति प्रभावित होती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर तनाव कम होने पर बाजार में राहत आने की उम्मीद की जा रही है।इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत सहित दुनिया के कई देशों की नजर मिडिल ईस्ट की स्थिति पर बनी हुई है। भारत के लिए तेल की कीमतों में स्थिरता इसलिए भी अहम है क्योंकि महंगे कच्चे तेल का असर अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है।