जियो के एक दशक में डिजिटल क्रांति, डेटा 29 गुना सस्ता और इंटरनेट 27 गुना तेज
- Post By Admin on Aug 26 2026
नई दिल्ली : दस साल पहले मोबाइल फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉल और मैसेज तक सीमित था। इंटरनेट चलाने वाले लोग डेटा बचाकर इस्तेमाल करते थे और जरूरत पड़ने पर मिस्ड कॉल भी एक संकेत का काम करती थी। आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। वीडियो कॉल, डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन पढ़ाई, ओटीटी और वर्क फ्रॉम होम जैसी सुविधाएं मोबाइल का हिस्सा बन चुकी हैं। रिलायंस जियो के भारतीय बाजार में प्रवेश के एक दशक के मौके पर टेलीकॉम सेक्टर में आए इस बदलाव के आंकड़े सामने आए हैं।
5 सितंबर को रिलायंस जियो के लॉन्च के 10 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस दौरान देश में मोबाइल इंटरनेट की रफ्तार में बड़ा इजाफा हुआ, जबकि डेटा की कीमत में भारी कमी आई। 2016 में भारत में औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड करीब 2.5 Mbps थी। दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर 68 Mbps से ज्यादा हो गई। यानी एक दशक में इंटरनेट की औसत स्पीड 27 गुना से अधिक बढ़ी।
इसी अवधि में 1GB डेटा की औसत कीमत 228 रुपए से घटकर करीब 7.9 रुपए रह गई। सस्ते इंटरनेट का असर डेटा खपत पर भी पड़ा। 2016 में एक वायरलेस डेटा ग्राहक महीने में औसतन 0.2GB से भी कम डेटा इस्तेमाल करता था। दिसंबर 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 25.7GB हो गया। यानी डेटा खपत में 128 गुना से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई।
अब हर ग्राहक महीने में इस्तेमाल कर रहा 26.7GB डेटा
TRAI के आंकड़ों के मुताबिक भारतीयों की डेटा खपत लगातार बढ़ रही है। मार्च 2026 की तिमाही में एक वायरलेस डेटा ग्राहक ने औसतन 26.7GB डेटा प्रति माह इस्तेमाल किया। इस दौरान प्रति GB वायरलेस डेटा से औसत राजस्व घटकर 7.51 रुपए रह गया।मार्च 2026 तक देश में इंटरनेट ग्राहकों की संख्या करीब 109.3 करोड़ पहुंच गई थी। इनमें ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 106.6 करोड़ रही।
जियो पर राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा डेटा खपत
जियो नेटवर्क पर डेटा इस्तेमाल का स्तर राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। अप्रैल से जून 2026 के बीच जियो के एक ग्राहक ने औसतन 43.7GB डेटा प्रति माह इस्तेमाल किया। इस तिमाही में जियो नेटवर्क पर कुल 69.4 अरब GB डेटा ट्रैफिक दर्ज हुआ, जो एक साल पहले की तुलना में 26.9 फीसदी अधिक है।
जून 2026 के अंत तक जियो के ग्राहकों की संख्या 53.33 करोड़ थी। वहीं 5G की बढ़ती पहुंच के साथ हाई-स्पीड डेटा का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। जून तक जियो के 5G ग्राहकों की संख्या करीब 28.5 करोड़ पहुंच गई थी। कंपनी के नेटवर्क पर 5G डेटा ट्रैफिक अब 4G के मुकाबले लगभग डेढ़ गुना बताया गया है।
दुनिया में भारत दूसरे स्थान पर
डेटा की बढ़ती खपत ने भारत को वैश्विक स्तर पर भी मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। एनालिसिस मेसन की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 तक भारत मोबाइल डेटा ट्रैफिक की खपत के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया था। चीन को छोड़कर वित्त वर्ष 2025-26 में जियो के नेटवर्क ने दुनिया में सबसे अधिक मोबाइल डेटा ट्रैफिक संभाला।
दस साल में मोबाइल इंटरनेट की कहानी सिर्फ तकनीकी बदलाव की नहीं है। जिस देश में कभी डेटा का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाता था, वहां आज मोबाइल इंटरनेट शिक्षा, भुगतान, कारोबार, मनोरंजन और रोजमर्रा की जरूरतों का अहम माध्यम बन चुका है। जियो के आने के बाद डेटा की कीमत और इंटरनेट की उपलब्धता में आए बदलाव ने इस डिजिटल बदलाव को और तेज गति दी है।