रुपये पर बढ़ा दबाव, कच्चे तेल और अमेरिकी फेड की संभावित दर वृद्धि से बाजार चिंतित

  • Post By Admin on Aug 31 2026
रुपये पर बढ़ा दबाव, कच्चे तेल और अमेरिकी फेड की संभावित दर वृद्धि से बाजार चिंतित

नई दिल्ली: भारतीय रुपये के लिए आने वाला सप्ताह चुनौतीपूर्ण रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका के फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर वृद्धि को लेकर बढ़ी उम्मीदों ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है। बाजार में डॉलर की मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

पिछले सप्ताह रुपया करीब 0.2 प्रतिशत मजबूत होकर 95.3775 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, लेकिन इसके बावजूद मुद्रा बाजार में इसे लेकर पूरी तरह राहत की स्थिति नहीं बनी है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बाजार में हस्तक्षेप और आयातकों की डॉलर मांग के कारण रुपये की चाल सीमित दायरे में बनी हुई है। अमेरिका में महंगाई को लेकर फेडरल रिजर्व के रुख ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। फेड चेयर केविन वार्श की हालिया टिप्पणियों के बाद निवेशकों ने सितंबर की बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को लेकर अपने अनुमान बदले हैं। यदि अमेरिका में ब्याज दर बढ़ती है तो विदेशी निवेशकों के लिए डॉलर आधारित परिसंपत्तियां अधिक आकर्षक हो सकती हैं, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर दबाव बढ़ सकता है।

दूसरी बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमत है। ब्रेंट क्रूड फिर 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। भारत के लिए महंगा तेल सीधे तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे आयात लागत बढ़ सकती है और रुपये पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है। इसी बीच भारतीय सरकारी बॉन्ड बाजार पर भी दबाव दिखाई दे रहा है। 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड शुक्रवार को 6.9108 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। बाजार अब भारत के अप्रैल-जून तिमाही के आर्थिक विकास के आंकड़ों पर भी नजर रख रहा है।