महंगे प्याज पर सरकार का ‘कांदा एक्सप्रेस’ प्लान, विशेष ट्रेनों से होगी सप्लाई
- Post By Admin on Aug 26 2026
नई दिल्ली : देशभर में प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में प्याज के औसत खुदरा भाव में करीब 59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 24 अगस्त 2026 को देशभर में प्याज की औसत खुदरा कीमत 43.53 रुपए प्रति किलो दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 27.37 रुपए प्रति किलो थी।
बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और प्रमुख शहरों में आपूर्ति मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने ‘कांदा एक्सप्रेस’ शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत महाराष्ट्र के नासिक से प्याज की खेप विशेष मालगाड़ियों के जरिये उन बड़े शहरों तक पहुंचाई जाएगी, जहां कीमतों और उपलब्धता को लेकर दबाव अधिक है।
मौसम की मार से घट गई प्याज की सप्लाई
प्याज की कीमतों में उछाल की मुख्य वजह बाजार में आपूर्ति की कमी मानी जा रही है। महाराष्ट्र देश का प्रमुख प्याज उत्पादक राज्य है। मार्च-अप्रैल के दौरान बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी प्याज की फसल के साथ पुराने स्टॉक को भी नुकसान पहुंचा। रबी प्याज की कटाई मार्च और अप्रैल में होती है और इसकी आपूर्ति अक्टूबर तक बाजार में बनी रहती है। पुराने स्टॉक में कमी आने से बाजार में प्याज की उपलब्धता प्रभावित हुई और कीमतों में तेजी आई।
खरीफ फसल की बुवाई में देरी से बढ़ी चिंता
अगली खरीफ प्याज की फसल भी मौसम की वजह से प्रभावित हुई है। मानसून के देर से पहुंचने के कारण कई इलाकों में किसानों को प्याज की बुवाई निर्धारित समय से देर से करनी पड़ी। खरीफ प्याज की नई फसल आमतौर पर सितंबर से नवंबर के बीच बाजार में आती है। ऐसे में नई फसल की आवक तक आपूर्ति का दबाव बने रहने की आशंका है।
दिल्ली और चेन्नई में औसत से ज्यादा बढ़ी कीमत
प्याज के दामों में कई बड़े शहरों में राष्ट्रीय औसत से अधिक तेजी दर्ज की गई है। दिल्ली में अगस्त 2025 में प्याज 35 रुपए प्रति किलो बिक रहा था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 65 रुपए प्रति किलो पहुंच गया। वहीं चेन्नई में कीमत 33 रुपए से बढ़कर 58 रुपए प्रति किलो हो गई। थोक बाजार में भी प्याज महंगा हुआ है। 24 अगस्त को देश में प्याज का औसत थोक भाव 35.58 रुपए प्रति किलो रहा, जबकि पिछले साल इसी दिन यह 21.23 रुपए प्रति किलो था। इस तरह थोक कीमत में करीब 68 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
‘कांदा एक्सप्रेस’ से सप्लाई सुधारने की कोशिश
केंद्र सरकार का उद्देश्य नासिक से प्याज की तेज और व्यवस्थित आपूर्ति के जरिये उन शहरों में उपलब्धता बढ़ाना है, जहां कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। विशेष मालगाड़ियों के माध्यम से प्रमुख बाजारों तक प्याज पहुंचने से सप्लाई का दबाव कम करने और खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। मंत्रालय ने बाजार की स्थिति को देखते हुए प्याज की खरीद कीमत में भी बढ़ोतरी की है। इसे मई में 12.70 रुपए प्रति किलो से बढ़ाकर 26.45 रुपए प्रति किलो कर दिया गया है। इसके साथ ही त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए कारोबारियों द्वारा स्टॉक बढ़ाने की कोशिश भी कीमतों में तेजी की एक वजह मानी जा रही है।
अब प्याज की कीमतों पर सबसे ज्यादा नजर खरीफ फसल की आवक पर रहेगी। नई फसल समय पर बाजार में पहुंचती है और आपूर्ति में सुधार होता है तो आने वाले दिनों में कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।